Maruti Global Industries ने इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC सेक्टर में अपनी नई पारी की शुरुआत की है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹23.54 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, लेकिन भारी घाटे और नेट वर्थ खत्म होने के कारण ऑडिटर्स ने भविष्य को लेकर चेतावनी दी है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में Maruti Global Industries ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया कि अब कंपनी का पूरा ध्यान इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर होगा। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी ने ₹0.72 करोड़ का नेट प्रॉफिट पेश किया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल का ₹13.01 करोड़ का मुनाफा केवल लोन लायबिलिटी राइट-बैक के कारण था, जबकि इस बार का मुनाफा ऑपरेशंस से आया है।
ऑडिटर्स की 'चेतावनी'
हालांकि नई शुरुआत उत्साहजनक है, लेकिन कंपनी की बैलेंस शीट अभी भी कमजोर है। स्टैच्युटरी ऑडिटर्स ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी पर कुल ₹25.93 करोड़ का घाटा जमा हो चुका है, जिससे कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह से इरोड (Erode) हो चुकी है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
निवेशकों को अब कंपनी की लिक्विडिटी और नए प्रोजेक्ट्स को एग्जीक्यूट करने की क्षमता पर नजर रखनी होगी। कंपनी की सफलता पूरी तरह से उसके ऑर्डर पाइपलाइन और ऑपरेशनल दक्षता पर निर्भर करेगी ताकि वह बैलेंस शीट की समस्याओं को दूर कर सके।
