Mardia Samyoung Capillary Tubes ने FY26 में बड़ी व्यावसायिक बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने एग्री-ट्रेडिंग और कीमती धातुओं के क्षेत्र में कदम रखते हुए **₹73.87 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया है, लेकिन साथ ही कंपनी नियामक खामियों के चलते चर्चा में है।
मुनाफे में उछाल और बिजनेस का नया मोड़
कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। FY26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹7,387.12 लाख रहा, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह शून्य था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹119.95 लाख से बढ़कर ₹222.60 लाख पर पहुंच गया है। कंपनी ने अब एग्री-ट्रेडिंग, ज्वेलरी और बुलियन के क्षेत्र में अपने पैर पसार लिए हैं।
फंड जुटाने की कवायद
ऑपरेशनल दायरे को बढ़ाने के लिए कंपनी ने ₹97.87 करोड़ की राशि जुटाई है। यह पैसा 7.25 करोड़ फुली कन्वर्टिबल इक्विटी वारंट्स के अलॉटमेंट के जरिए आया है, जिन्हें मार्च 2026 के बाद इक्विटी में बदल दिया गया। हालांकि, कंपनी ने फिलहाल किसी भी तरह का डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है ताकि पूंजी को बिजनेस के विस्तार में लगाया जा सके।
गवर्नेंस और अनुपालन पर सवाल
मजबूत वित्तीय आंकड़ों के बावजूद कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां हैं। सेक्रेटेरियल ऑडिट में XBRL फाइलिंग में देरी और नियमों के पालन में खामियां पाई गई हैं। इसके अलावा, कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड ऑफिस महाराष्ट्र से गुजरात शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बोर्ड ने अपनी जवाबदेही तय करने के लिए दो नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, Ms. Geetika Garg और Mr. Ramesh Sharma को नियुक्त किया है। निवेशकों के लिए कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के साथ-साथ इन अनुपालन संबंधी सुधारों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
