Marble City India Ltd के शेयरहोल्डर्स ने 10 जून 2026 को हुई EGM में प्रमोटरों को प्रेफरेंशियल बेसिस पर वारंट जारी करने के प्रस्ताव को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। यह कदम प्रमोटरों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, लेकिन भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन का खतरा भी हो सकता है।
प्रमोटरों के लिए वारंट्स का रास्ता साफ!
Marble City India Limited ने 10 जून 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) का आयोजन किया था। इस मीटिंग में, शेयरधारकों ने प्रमोटर कैटेगरी के सदस्यों को प्रेफरेंशियल बेसिस पर वारंट जारी करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.998% वोट पड़े, जो कंपनी के प्रति मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
क्यों है यह अहम?
इस EGM में कुल 73.72% पेड-अप इक्विटी कैपिटल का प्रतिनिधित्व करने वाले शेयरधारकों ने भाग लिया। 18,809,816 वोटों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि केवल 215 वोट इसके खिलाफ गए। यह नतीजों से पता चलता है कि निवेशक कंपनी की दिशा और प्रमोटरों की प्रतिबद्धता पर पूरा भरोसा करते हैं। यह कदम कंपनी के लिए फंड जुटाने का एक ज़रिया खोलता है, जिसमें प्रमोटरों का सीधा समर्थन हासिल है।
क्या होगा आगे?
शेयरधारकों से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी अब अपने प्रमोटरों को वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। वारंट्स के अलॉटमेंट और बाद में उन्हें इक्विटी शेयर्स में बदलने का काम, जारी करने की शर्तों के अनुसार आगे बढ़ेगा।
किन बातों पर रखें नज़र?
हालांकि, निवेशकों को इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि वारंट्स के इक्विटी शेयर्स में बदलने पर कंपनी की इक्विटी डाइल्यूट हो सकती है। इसलिए, कन्वर्जन की कीमत और समय-सीमा जैसे महत्वपूर्ण कारकों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
