Marble City India Ltd ने एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित की, जिसमें नॉन-प्रमोटर निवेशकों को कनवर्टिबल वारंट जारी करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
मीटिंग का एजेंडा और प्रक्रिया
14 अक्टूबर, 2026 को सुबह 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में कंपनी ने नॉन-प्रमोटर कैटेगरी के लिए प्रेफरेंशियल बेसिस पर वारंट्स जारी करने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर साकेत डालमिया (Saket Dalmia) ने बैठक की अध्यक्षता की। हालांकि इस दौरान चेयरपर्सन उषा शर्मा (Usha Sharma) मौजूद नहीं थीं, फिर भी कोरम की शर्तों को पूरा किया गया।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
प्रेफरेंशियल वारंट्स का इश्यू कंपनी के फंड जुटाने की मंशा को दर्शाता है। इससे शेयर होल्डर्स को यह देखने की जरूरत है कि इक्विटी डाइल्यूशन (Dilution) का कितना असर हो सकता है और वे निवेशक कौन हैं जिन्हें ये वारंट जारी किए जा रहे हैं। कंपनी ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रिमोट ई-वोटिंग और मीटिंग के दौरान ई-वोटिंग दोनों का उपयोग किया है।
आगे क्या होगा?
रेगुलेटरी नियमों के अनुसार, कंपनी को मीटिंग खत्म होने के 48 घंटे के भीतर वोटिंग के परिणाम જાહેર करने होंगे। निवेशकों को अब BSE की आधिकारिक फाइलिंग का इंतजार करना चाहिए, जिससे यह साफ हो जाएगा कि इस विशेष प्रस्ताव को जरूरी बहुमत मिला है या नहीं। यही फाइलिंग वारंट प्राप्त करने वाले निवेशकों की पहचान भी स्पष्ट करेगी।
