Manorama Industries ने अपने ग्लोबल कारोबार को रफ्तार देने के लिए **₹75 करोड़** के निवेश का ऐलान किया है। यह पैसा घाना, नाइजीरिया और ब्राजील समेत 6 विदेशी सब्सिडियरी में लगाया जाएगा ताकि वर्किंग कैपिटल को मजबूत किया जा सके।
ग्लोबल मार्केट पर कंपनी की नजर
बोर्ड मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले के तहत, कंपनी कुल ₹75 करोड़ का निवेश करेगी। इस राशि का आवंटन इस प्रकार है: घाना में ₹20 करोड़, बुर्किना फासो और ब्राजील में ₹15-15 करोड़, नाइजीरिया और चाड में ₹10-10 करोड़ और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ₹5 करोड़ का फंड इंफ्यूज किया जाएगा। यह निवेश कंपनी की स्पेशलिटी फैट्स और ऑयल प्रोसेसिंग की सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
कंपनी ने गवर्नेंस में भी फेरबदल किया है। डॉ. रोहिणी तिवारी को 5 साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि मुदित कुमार सिंह ने अपना पद छोड़ दिया है। इस बदलाव के लिए कंपनी पोस्टल बैलट के जरिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांग रही है, जिसकी कट-ऑफ तारीख 11 सितंबर, 2026 तय की गई है।
रिस्क और आने वाली चुनौतियां
कंपनी का यह निवेश विकासशील देशों (Emerging Markets) में है, जहां भू-राजनीतिक (Geopolitical) और करेंसी रिस्क बना रहता है। निवेश को एक साथ न देकर 'फेज्ड मैनर' (phased manner) में करने का फैसला कंपनी की वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है, लेकिन इन मार्केट्स में तेजी से काम करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। निवेशकों को अब इन विदेशी इकाइयों के परफॉर्मेंस और आने वाली तिमाही नतीजों पर पैनी नजर रखनी होगी।
