Manaksia Coated Metals & Industries Ltd ने Q1 FY27 में बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **₹263 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में पिछले तिमाही के मुकाबले **163%** की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह **₹14.10 करोड़** पर पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी के पास **₹450 करोड़** का मजबूत ऑर्डर बुक भी है।
Manaksia Coated Metals & Industries Ltd: नतीजों पर एक नज़र
कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों ने निवेशकों को राहत दी है। Q1 FY27 में Manaksia Coated Metals & Industries Ltd का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹263 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछली तिमाही की तुलना में 163% का बड़ा उछाल आया, जो ₹14.10 करोड़ रहा। प्रति शेयर आय (EPS) में भी 102% की वृद्धि देखी गई और यह ₹1.31 पर पहुंच गई।
मार्जिन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
कंपनी ने रिकॉर्ड ₹10,400 प्रति टन का EBITDA दर्ज किया है। EBITDA मार्जिन में 422 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ और यह 11.06% पर आ गया। इसी तरह, PAT मार्जिन भी 301 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.36% हो गया। फाइनेंस कॉस्ट में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 11.8% की कमी आई, जो ₹6.86 करोड़ रही।
प्रोडक्शन और ऑर्डर बुक
कंपनी के ऑपरेशन्स की बात करें तो, इस तिमाही में 27,941 मीट्रिक टन Alu-Zinc का उत्पादन हुआ और 20,510 मीट्रिक टन Pre-Painted स्टील का उत्पादन किया गया। Pre-Painted स्टील सेगमेंट 95.4% क्षमता पर संचालित हुआ। कुल बिक्री वॉल्यूम 27,938 मीट्रिक टन रहा। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के पास ₹450 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक है, जो आने वाली तिमाहियों के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करता है। Q1 FY27 के अंत तक कंपनी पर कुल ₹115 करोड़ का कर्ज था।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
शानदार ऑपरेशनल परफॉरमेंस, खास तौर पर रिकॉर्ड EBITDA प्रति टन और तिमाही-दर-तिमाही मुनाफे में तेज बढ़ोतरी, कंपनी की बढ़ी हुई एफिशिएंसी और मांग को दर्शाती है। मजबूत ऑर्डर बुक निकट भविष्य के लिए राजस्व की अच्छी दृश्यता प्रदान करती है। कंपनी की विस्तार योजनाएं, जिनमें एक नई कलर कोटिंग लाइन और सोलर प्लांट शामिल हैं, पूरी होने वाली हैं। इनके भविष्य की कमाई को बढ़ावा देने और लागत कम करने की उम्मीद है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें नई प्रोडक्शन लाइनों और सोलर प्लांट के सफल लॉन्च और ऑपरेशनल होने पर होंगी। वर्किंग कैपिटल साइकिल में सुधार और मार्जिन की निरंतर परफॉरमेंस भी महत्वपूर्ण मेट्रिक्स होंगे जिन पर नज़र रखी जाएगी।
