Manaksia Coated Metals & Industries ने एक प्रमुख यूरोपीय ग्राहक के साथ **₹210 करोड़** का एक्सपोर्ट समझौता (MoU) किया है। यह डील कंपनी की एक्सपोर्ट-लेड ग्रोथ स्ट्रैटेजी को और मजबूत करती है, जिसने FY26 में कुल रेवेन्यू में **68%** से अधिक का योगदान दिया था।
निर्यात में नई उड़ान
Manaksia Coated Metals & Industries Limited (MCMIL) ने अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने एक प्रमुख यूरोपीय क्लाइंट के साथ ₹210 करोड़ का एक्सपोर्ट समझौता किया है। यह करार न केवल कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती देता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ को और अधिक विस्तार देता है।
क्यों है यह डील खास?
कंपनी के लिए एक्सपोर्ट सबसे बड़ा इंजन रहा है। पिछले FY26 में कंपनी के कुल रेवेन्यू में एक्सपोर्ट का योगदान 68.21% रहा था। सिर्फ FY27 की पहली छमाही (H1) में ही कंपनी ₹397 करोड़ का एक्सपोर्ट कर चुकी है, जो आने वाले समय में मजबूत डिमांड का संकेत है। इतना ही नहीं, कंपनी ने लातविया, ब्राजील, जमैका और सोमालिया जैसे नए बाजारों में भी अपने पैर पसारे हैं।
ऑपरेशन्स और कैपेसिटी एक्सपेंशन
कंपनी अपनी प्रोडक्शन क्षमता को तेजी से बढ़ा रही है। वर्तमान में कंपनी 1,80,000 MTPA की Alu-Zinc क्षमता के साथ काम कर रही है और प्री-पेंटेड स्टील की क्षमता को बढ़ाकर 2,36,000 MTPA करने की प्रक्रिया में है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की दूसरी 'कलर कोटिंग लाइन' के शुरू होने पर है, जो कंपनी के प्रोडक्ट मिक्स को और बेहतर बनाएगी।
मैनेजमेंट का फोकस
कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर मिस्टर करण अग्रवाल के नेतृत्व में मैनेजमेंट का ध्यान फिलहाल हाई-मार्जिन वैल्यू-एडेड स्टील उत्पादों पर है। साथ ही, कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी के जरिए पावर कॉस्ट को कम करने पर भी जोर दे रही है। कंपनी ने अभी से FY28 के लिए अपने दूसरे चरण के विस्तार का लक्ष्य तय कर लिया है।
रिस्क और सतर्कता
सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी दूसरी कलर कोटिंग लाइन को कितनी तेजी से शुरू कर पाती है और इतनी बड़ी ऑर्डर वैल्यू को समय पर कैसे पूरा करती है। इसके अलावा, यूरोप की मार्केट डिमांड और ग्लोबल शिपिंग लॉजिस्टिक्स में उतार-चढ़ाव पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी होगा।
