जानिए क्या हुआ?
Mamata Machinery Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) घटकर ₹73.75 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹111.04 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट आई है और यह पिछले साल के ₹27.12 करोड़ से लुढ़ककर सिर्फ ₹0.0087 करोड़ रह गया।
क्यों गिरी प्रॉफिट?
इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह नए लेबर कोड (Labor Codes) के कारण कर्मचारी लाभों पर पड़ा ₹3.06 करोड़ का अतिरिक्त प्रभाव है। यह एक एकमुश्त (exceptional) चार्ज है, जिसने कंपनी की तत्काल लाभप्रदता (profitability) को बुरी तरह प्रभावित किया है।
भविष्य की क्या है योजना?
नतीजों के साथ ही, कंपनी ने रूस और CIS (कजाकिस्तान, रूस, बेलारूस, आर्मेनिया, किर्गिस्तान) क्षेत्र में एक ब्रांच ऑफिस खोलने की भी मंजूरी दे दी है। यह कदम कंपनी के लिए भविष्य में विकास के नए रास्ते खोल सकता है, हालांकि इसके लिए रेगुलेटरी मंजूरी (regulatory approvals) की आवश्यकता होगी।
पिछले साल के आंकड़े
आपको बता दें कि 31 मार्च, 2025 को समाप्त तिमाही में Mamata Machinery ने ₹111.04 करोड़ का रेवेन्यू और ₹27.12 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। उस समय नए लेबर कोड प्रभावी नहीं थे।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की निगाहें अब इस बात पर रहेंगी कि कंपनी नए लेबर कोड के नियमों से अपनी लागत और लाभप्रदता को कैसे संतुलित करती है। रूस/CIS में ब्रांच ऑफिस की स्थापना की प्रगति भी भविष्य की ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी।
