Mamata Machinery ने **2026** के फाइनेंशियल ईयर (FY26) में निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **8.5%** घटकर **₹233 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में **63%** की भारी गिरावट आई और यह **₹15.05 करोड़** पर आ गया। कंपनी ने इसके लिए अमेरिकी मार्केट में सुस्ती और पॉलीमर की कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया है।
Mamata Machinery के FY26 नतीजों पर एक नज़र
Mamata Machinery Ltd ने 2026 के समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 8.48% घटकर ₹233.00 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 63.07% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो कि ₹15.05 करोड़ रहा।
क्यों आई नतीजों में गिरावट?
इस भारी गिरावट के पीछे कई वजहें बताई गई हैं। कंपनी का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट, अमेरिका, टैरिफ पॉलिसी से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण डिमांड में करीब 50% की कमी देखी गई। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में चल रहा भू-राजनीतिक संघर्ष और पॉलीमर की बढ़ती कीमतों ने भी ग्राहकों के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) प्लान को प्रभावित किया, जिसका सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा।
उम्मीद की किरण: मजबूत ऑर्डर बुक और नए प्रोडक्ट्स
इन चुनौतियों के बावजूद, ममता मशीनरी ने भारत और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने बिजनेस को बढ़ाकर इस कमी को कुछ हद तक पूरा करने की कोशिश की है। कंपनी की ऑर्डर बुक साल-दर-साल 34% बढ़कर ₹89.6 करोड़ तक पहुंच गई है।
कंपनी RecTech™ (रिसाइक्लेबल मोनो-मटेरियल फिल्म टेक्नोलॉजी) भी लॉन्च कर रही है और अपने पैकेजिंग सेगमेंट के लिए 30%-40% सालाना ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है।
आगे क्या? जोखिम और नजर रखने वाले पहलू
निवेशकों को आगे अमेरिकी मार्केट में स्थिति सामान्य होने के संकेतों पर नजर रखनी होगी। भू-राजनीतिक तनाव और पॉलीमर की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी जोखिम बने हुए हैं। साथ ही, कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन (नए CEO राजेशशेखर वेंकट FY27 में पदभार संभालेंगे) भी एक महत्वपूर्ण पहलू रहेगा जिस पर नजर रखी जाएगी।
