Maiden Forgings के लिए फाइनेंशियल ईयर **2025-26** मिला-जुला रहा। कंपनी का रेवेन्यू **8.8%** बढ़कर **₹231.61 करोड़** हो गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट **17%** गिरकर **₹5.02 करोड़** पर आ गया है। साथ ही, फंड न मिलने के कारण कंपनी ने अपना प्रिफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) भी रद्द कर दिया है।
मुनाफे पर दबाव और फंड जुटाने में विफलता
कंपनी के सालाना नतीजों में टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन के बीच बड़ा अंतर दिखा है। जहां एक ओर रेवेन्यू ₹212.91 करोड़ से बढ़कर ₹231.61 करोड़ हो गया, वहीं प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹6.05 करोड़ से घटकर ₹5.02 करोड़ रह गया। मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को कंपनी ने बढ़ते खर्च और मार्केट की चुनौतीपूर्ण स्थितियों का नतीजा बताया है।
प्रिफरेंशियल इश्यू क्यों हुआ रद्द?
कंपनी ने 25 लाख इक्विटी शेयरों का प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट प्लान किया था, जिसकी कीमत ₹100 प्रति शेयर तय की गई थी। हालांकि, निवेशक द्वारा तय समय पर फंड जमा न कर पाने के कारण इस प्रक्रिया को रद्द करना पड़ा। इस फंड के न आने से कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
CSR नियमों में चूक
इसके अलावा, कंपनी अपने सीएसआर (CSR) दायित्वों को पूरा करने में भी पीछे रही है। ₹23.71 लाख के अनिवार्य खर्च के मुकाबले कंपनी केवल ₹2.07 लाख ही खर्च कर पाई। कंपनी ने सफाई दी है कि उसे खर्च के लिए उपयुक्त क्षेत्र नहीं मिल सके थे।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
फिलहाल कंपनी ने कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देने का फैसला किया है। अब निवेशकों की नजर 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर है, जहां मैनेजमेंट कॉस्ट कंट्रोल और भविष्य की कैपिटल स्ट्रैटेजी पर स्थिति साफ कर सकता है।
