Mahalaxmi Rubtech ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू उछलकर **₹116.17 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹21.78 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार
कंपनी ने अपनी 35वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें टेक्निकल टेक्सटाइल और रबर प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने का असर नतीजों में साफ दिख रहा है। पिछले साल के ₹16.78 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट इस बार ₹21.78 करोड़ दर्ज किया गया है। इसका सीधा असर कंपनी के ईपीएस (EPS) पर पड़ा है, जो ₹20.51 रहा।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
Mahalaxmi Rubtech के लिए सबसे बड़ी राहत की बात इसकी बैलेंस शीट है। कंपनी के पास 'जीरो डेट' यानी कर्जमुक्त स्थिति है, जो इसे ऑपरेशनल तौर पर बेहद मजबूत बनाती है। कंपनी का रिटर्न ऑन नेटवर्थ (Return on Net Worth) भी 24.25% रहा है।
मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट अपडेट
बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है, क्योंकि कंपनी अपने मुनाफे को भविष्य के विस्तार के लिए रिटेन कर रही है। आगामी 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 35वीं एजीएम (AGM) में शेयरहोल्डर्स वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा, कंपनी ने श्रीमती कालूराम बी. गुर्जर को सीएफओ (CFO) और श्री करण आर. पारिख को कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया है। साथ ही, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राहुल जे. पारेख को फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिनका मासिक वेतन अप्रैल 2026 से ₹6 लाख तय किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी का प्रदर्शन अच्छा है, लेकिन कच्चे माल (Raw Material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विशेषकर कपास (Cotton) के दाम और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव कंपनी के एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मार्जिन पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
