Magnum Ventures अपने पेपर डिवीजन को एक अलग सब्सिडियरी, Magnum Paperz Limited, में बदलने की तैयारी कर रही है। इस डीमर्जर (Demerger) प्रक्रिया को मंजूरी देने के लिए कंपनी ने **20 नवंबर, 2026** को NCLT की मीटिंग बुलाई है।
डीमर्जर का पूरा गणित
इस स्कीम के तहत, Magnum Ventures अपने पेपर और होटल बिजनेस को अलग-अलग कर रही है। कंपनी ने शेयर स्वाइप रेशियो (Share Swap Ratio) तय कर दिया है, जिसके मुताबिक पैरेंट कंपनी के हर 10 शेयरों के बदले निवेशकों को Magnum Paperz Limited के 2 नए शेयर मिलेंगे। इसके अलावा, कंपलसरी रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स (CRPS) के मामले में हर 10 के बदले 9 नए शेयर अलॉट किए जाएंगे।
वोटिंग और पात्रता
इलाहाबाद बेंच के NCLT ने इक्विटी शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स की मीटिंग के आदेश दिए हैं। वोटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें रिमोट ई-वोटिंग 16 नवंबर, 2026 से शुरू होगी। याद रखें, इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कट-ऑफ डेट 13 नवंबर, 2026 तय की गई है।
बिजनेस पर असर
मैनेजमेंट का मानना है कि होटल और पेपर बिजनेस की जरूरतें और वर्किंग स्टाइल पूरी तरह अलग हैं। दोनों को अलग करने से कंपनी को बेहतर स्ट्रेटेजिक फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में पेपर डिवीजन ने ₹357.20 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जो इसके बड़े पैमाने को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि डीमर्जर का रास्ता साफ दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि यह अभी भी NCLT की अंतिम मंजूरी और शेयरहोल्डर्स के वोट पर निर्भर है। साथ ही, कंपनी पर चल रहे पुराने लीगल केस और पेंडिंग इनकम टैक्स अपील भी भविष्य में कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति और टाइमलाइन को प्रभावित कर सकते हैं।
