Madhav Infra Projects ने अपने कर्ज को कम करने के लिए एक बड़े रिस्ट्रक्चरिंग प्लान का ऐलान किया है। इसके तहत कंपनी अपने अनसिक्योर्ड लोन और प्रेफरेंस शेयर्स को इक्विटी में बदलेगी, जिससे प्रमोटर्स को **4.19 करोड़** नए शेयर जारी किए जाएंगे।
बड़े बदलाव की तैयारी
बोर्ड मीटिंग के बाद कंपनी ने अपनी कैपिटल संरचना में बदलाव का फैसला लिया है। कंपनी अपने अनसिक्योर्ड लोन को चुकाने के लिए प्रमोटर ग्रुप को ₹8.15 प्रति शेयर के भाव पर 4.19 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसके साथ ही, मौजूदा 3.79 करोड़ प्रेफरेंस शेयर्स को बदलकर 4.65 करोड़ Compulsorily Convertible Preference Shares (CCPS) में तब्दील करने की मंजूरी दी गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कर्ज का दबाव एक आम चुनौती है। इस कदम से कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती है ताकि भारी-भरकम ब्याज के बोझ से बचा जा सके। हालांकि, निवेशकों के लिए एक रिस्क यह है कि शेयर जारी होने से इक्विटी बेस बढ़ जाएगा, जिससे भविष्य में 'डाइल्यूशन' (Dilution) की स्थिति बन सकती है।
आगे क्या होगा?
ये सभी बदलाव अभी शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर हैं, जिसके लिए कंपनी पोस्टल बैलट (Postal Ballot) प्रक्रिया शुरू करेगी। ई-वोटिंग की प्रक्रिया की निगरानी के लिए M/s. K H & Associates के पार्टनर Mr. Haresh Kapuriya को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया है। निवेश करने वालों को अब कंपनी के उस आधिकारिक नोटिस का इंतजार करना चाहिए, जिसमें इस फैसले की पूरी व्याख्या दी जाएगी।
