MV Electrosystems ने Q1FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹6.9 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसका मुख्य कारण R&D पर बड़ा खर्च और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का पूरा उपयोग न हो पाना है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
कंपनी के रेवेन्यू में इस तिमाही के दौरान गिरावट देखी गई है, जो ₹12.8 करोड़ रही। पिछला नुकसान जो ₹2.9 करोड़ था, वह अब बढ़कर ₹6.9 करोड़ हो गया है। कंपनी अभी भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर के दौर से गुजर रही है, जिसमें सिर्फ R&D पर ही ₹2 करोड़ का निवेश किया गया है।
ऑर्डर्स का दम
फिलहाल राहत की बात कंपनी की ₹1,000 करोड़ की ऑर्डर बुक है, जो मुख्य रूप से 3-फेज प्रोपल्शन इक्विपमेंट से जुड़ी है। कंपनी का लक्ष्य Q3FY27 तक प्रोडक्शन को बढ़ाकर 40 सेट प्रति महीना करने का है।
मैन्युफैक्चरिंग का स्टेटस
कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कमर कस ली है। बगहोला (Baghola) में यूनिट-1 ऑपरेशनल है, वहीं पलवल (Palwal) में यूनिट-2 को भी 'कन्सेंट टू ऑपरेट' मिल गया है। इन दोनों यूनिट्स के जरिए कंपनी 285 प्रोपल्शन सिस्टम्स की सालाना क्षमता हासिल करने की योजना बना रही है।
आगे क्या?
इन्वेस्टर्स की नजर अब कंपनी की डिलीवरी क्षमता और प्रोडक्शन रन-रेट पर होनी चाहिए। यदि कंपनी अपनी ऑर्डर बुक को समय पर रेवेन्यू में बदलने में सफल रहती है, तो आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
