MTAR Technologies के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी को Nuclear Power Corporation of India Limited (NPCIL) से **₹126.74 करोड़** का नया ऑर्डर मिला है, जिसके बाद कंपनी का न्यूक्लियर ऑर्डर बुक अब रिकॉर्ड **₹775 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है।
ऑर्डर की बारीकियां
इस नए कॉन्ट्रैक्ट के तहत, MTAR Technologies को RAPS-4 और MAPS-2 न्यूक्लियर पावर रिएक्टर्स के रिफर्बिशमेंट (refurbishment) के लिए कूलेंट चैनल असेंबली (coolant channel assemblies) बनानी और सप्लाई करनी है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा मई 2028 तय की गई है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह ऑर्डर कंपनी के हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग बिज़नेस के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। मैनेजमेंट ने पुष्टि की है कि इस जीत के साथ ही सिविल न्यूक्लियर सेगमेंट में उनकी ऑर्डर बुक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर ₹775 करोड़ पर है। यह आने वाले कई सालों के लिए कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी (revenue visibility) को काफी मजबूत बनाता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
हालांकि यह ऑर्डर कंपनी की ग्रोथ के लिए अच्छा है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इसका एग्जीक्यूशन 2028 तक चलेगा। इतने लंबे समय में सप्लाई चेन और मार्जिन को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में शेयरहोल्डर्स को आने वाली तिमाही नतीजों (quarterly results) के दौरान प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस पर अपनी नज़र रखनी चाहिए।
