MSTC का FY26 रिजल्ट: प्रॉफिट में गिरावट, रेवेन्यू में बढ़ोतरी
MSTC लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹221.69 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹402.98 करोड़ से काफी कम है। इसी तरह, कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹407.07 करोड़ की तुलना में घटकर ₹218.43 करोड़ हो गया।
इस गिरावट की मुख्य वजह पिछले साल सब्सिडियरी FSNL की बिक्री से हुए ₹301.69 करोड़ के एकमुश्त फायदे का इस बार न मिलना है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में करीब 18.9% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹310.96 करोड़ से बढ़कर ₹369.66 करोड़ हो गया है। कंपनी का ई-कॉमर्स सेगमेंट अभी भी रेवेन्यू और प्रॉफिट का मुख्य जरिया बना हुआ है।
डिविडेंड और नई दिशा: ट्रैवल बिज़नेस में कदम
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी ने अपने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹8.10 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह कंपनी के मजबूत बिजनेस पर विश्वास दिखाता है।
इसके अलावा, MSTC लिमिटेड अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में बदलाव के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगने की तैयारी में है ताकि वह ट्रैवल और टूर ऑपरेटर बिज़नेस में कदम रख सके। यह कदम कंपनी की एक बड़ी स्ट्रेटेजिक डाइवर्सिफिकेशन (विविधीकरण) की ओर इशारा करता है, जिसमें वे अपने मौजूदा वेब-आधारित प्लेटफॉर्म की विशेषज्ञता का उपयोग कर सकते हैं।
कानूनी पेंच और भविष्य की राह
हालांकि, कंपनी कुछ कानूनी मुश्किलों का भी सामना कर रही है। MSTC 2008-09 के एक्सपोर्ट बिल को लेकर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के साथ एक सब-ज्युडिस (न्यायाधीन) कानूनी विवाद में फंसी हुई है। इसके अलावा, कंपनी ने महिंद्रा MSTC रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड (MMRPL) में अपने निवेश पर ₹1.44 करोड़ का इम्पेयरमेंट लॉस (हानि) भी दर्ज किया है।
आगे चलकर, निवेशकों को शेयरधारकों और मंत्रालय से ट्रैवल बिज़नेस डाइवर्सिफिकेशन के लिए मिलने वाली मंजूरी की प्रगति पर नज़र रखनी होगी। ई-कॉमर्स सेगमेंट का प्रदर्शन और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के साथ कानूनी मामले के विकास पर भी पैनी नजर रखने की जरूरत होगी।
