कर्मचारियों को मिलेगा कंपनी में हिस्सेदारी का मौका
MPS Limited की Nomination and Remuneration Committee ने 4 मई, 2026 को हुई अपनी मीटिंग में योग्य कर्मचारियों को 79,009 स्टॉक ऑप्शंस जारी करने की मंजूरी दी। हर ऑप्शन का दाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ग्रांट की तारीख के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर ₹1,657.70 तय किया गया है।
ये नए ऑप्शंस अगले चार सालों में बराबर किस्तों में वेस्ट (vest) होंगे। कर्मचारी हर वेस्टिंग डेट से पांच साल तक इन ऑप्शंस का इस्तेमाल करके कंपनी के शेयर खरीद सकते हैं। ESOPs, MPS Limited जैसी कंपनियों के लिए कर्मचारियों को आकर्षित करने, बनाए रखने और मोटिवेट करने का एक अहम जरिया हैं। इससे कर्मचारियों के हित कंपनी की परफॉर्मेंस से जुड़ जाते हैं। 'MPS Limited-Employee Stock Options Scheme 2023' को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी 21 जनवरी, 2023 को ही मिल गई थी।
शेयर होल्डर्स पर क्या होगा असर?
हालांकि, इन ऑप्शंस के इस्तेमाल से नए शेयर्स जारी हो सकते हैं, जिससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी कम हो सकती है। इसे शेयर डाइल्यूशन (Share Dilution) का जोखिम कहा जाता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। ऑप्शंस की कीमत भी कर्मचारियों के लिए उनकी वैल्यू तय करती है।
यह MPS Limited के लिए ESOP प्लान का इस्तेमाल करने का पहला मौका नहीं है। कंपनी ने इससे पहले 22 दिसंबर, 2025 को ₹1,996.90 के भाव पर 28,906 ऑप्शंस ग्रांट किए थे। कंपनी का Securities and Exchange Board of India (SEBI) के साथ कस्टोडियल चार्जेज को लेकर भी इतिहास रहा है।
एड्युकेशन कंटेंट और पब्लिशिंग सेक्टर की दूसरी कंपनियां, जैसे S Chand and Company Ltd, भी अक्सर अपने कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने के लिए स्टॉक ऑप्शन स्कीम्स का इस्तेमाल करती हैं। वहीं, Navneet Education Ltd जैसी एक और पीयर कंपनी ने हाल ही में अगस्त 2024 में एक बड़ा शेयर बायबैक किया था, जो कॉरपोरेट रणनीतियों में अंतर दिखाता है।
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि आने वाले सालों में कर्मचारी अपने वेस्टेड ऑप्शंस का इस्तेमाल कैसे करते हैं और कंपनी के कुल शेयर काउंट पर इसका क्या असर पड़ता है। भविष्य में होने वाली ESOP ग्रांट्स और उनकी प्राइसिंग पर नजर रखने से मैनेजमेंट के वैल्यूएशन आउटलुक की जानकारी मिल सकती है।
