MPL Plastics Limited ने सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी को **₹0.13 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी के सिलवासा और पुणे स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पहले ही बंद हो चुके हैं और फिलहाल कंपनी इनसॉल्वेंसी और वाइंडिंग-अप की प्रक्रिया से गुजर रही है।
बदहाल वित्तीय स्थिति
MPL Plastics Limited के सितंबर 2026 तक की तिमाही और छमाही के नतीजों से साफ है कि कंपनी बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। इस दौरान कंपनी की इनकम न के बराबर यानी केवल ₹0.0021 करोड़ रही है। कंपनी का ईपीएस (EPS) ₹(0.11) पर रहा है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
क्यों बंद हैं ऑपरेशन?
कंपनी के सिलवासा और पुणे प्लांट 2023-24 फाइनेंशियल ईयर से ही पूरी तरह बंद हैं, जिसके कारण कोई भी रेवेन्यू जनरेट नहीं हो रहा है। ऑडिटर्स ने साफ तौर पर 'Material Uncertainty Related to Going Concern' पर सवाल उठाए हैं, जिसका मतलब है कि कंपनी का भविष्य काफी अनिश्चित है।
इनसॉल्वेंसी और भविष्य की राह
कंपनी फिलहाल IBC, 2016 (Insolvency and Bankruptcy Code) के तहत वाइंडिंग-अप प्रक्रिया से गुजर रही है। अप्रैल 2022 में शेयरहोल्डर्स और बोर्ड से मिली मंजूरी के बाद कंपनी CIRP प्रक्रिया पर आगे बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी की इक्विटी -₹3.95 करोड़ के नेगेटिव दायरे में है और शॉर्ट-टर्म उधारी ₹4.22 करोड़ है। कामकाज पूरी तरह ठप होने के चलते अब पूरी नजर NCLT के फैसले और लिक्विडेशन की टाइमलाइन पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि इक्विटी शेयरहोल्डर्स को अंततः क्या मिल सकता है।
