MM Forgings: बंपर नतीजे! कंपनी ने दी FY27 के लिए ₹1,900 करोड़ के रेवेन्यू की टारगेट, ₹150 करोड़ का Capex प्लान

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AuthorNeha Patil|Published at:
MM Forgings: बंपर नतीजे! कंपनी ने दी FY27 के लिए ₹1,900 करोड़ के रेवेन्यू की टारगेट, ₹150 करोड़ का Capex प्लान

MM Forgings ने अपने तिमाही नतीजों के साथ निवेशकों को खुशखबरी दी है। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में रेवेन्यू में **16%** की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹427 करोड़** तक पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 तक **₹1,800-1,900 करोड़** के रेवेन्यू का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसके लिए **₹150 करोड़** के केपेक्स (Capex) की योजना है।

MM Forgings की दमदार परफॉरमेंस, FY27 के लिए बड़े लक्ष्य!

कंपनी ने हाल ही में अपने चौथे तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें रेवेन्यू ₹427 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही के ₹369 करोड़ से 16% ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹82 करोड़ रहा, जो कि 18% के मार्जिन पर है (अन्य आय को छोड़कर)। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में भी पिछले साल की तुलना में 30% की वृद्धि देखी गई है।

आगे क्या है कंपनी की योजना?

MM Forgings ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए ₹1,800 करोड़ से ₹1,900 करोड़ के बीच रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। कंपनी को उम्मीद है कि इस अवधि तक बिक्री की मात्रा 90,000 टन से अधिक हो जाएगी। इस ग्रोथ को हासिल करने के लिए, कंपनी ₹150 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना बना रही है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार करना है।

ग्रोथ के पीछे के कारण

यह मजबूत ग्रोथ कमर्शियल व्हीकल सेक्टर, खासकर अमेरिकी क्लास 8 ट्रकों की बढ़ती मांग से प्रेरित है। कंपनी की मशीनिंग (Machining) बिक्री का 67% हिस्सा बन गई है, जिसे बनाए रखने का लक्ष्य 65-68% है। एक्सपोर्ट (बिक्री का 36.5%) और डोमेस्टिक (बिक्री का 63.5%) दोनों मार्केट में ग्रोथ दिख रही है। प्रति टन बिक्री भी पिछले तिमाही के ₹1.93 लाख से बढ़कर ₹2.02 लाख हो गई है।

नए निवेश और ऑटोमेशन पर जोर

FY27 तक, कंपनी 16,500-टन की एक नई प्रेस मशीन लगाने की योजना बना रही है, जो चौथी तिमाही (Q4 FY27) में चालू हो सकती है। ऑटोमेशन पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है, जिसके लिए इस वित्तीय वर्ष में ₹30-50 करोड़ आवंटित किए गए हैं। कंपनी प्रति वर्ष 1 लाख टन की रन रेट और 27,000-30,000 टन प्रति तिमाही के आंतरिक लक्ष्य पर काम कर रही है।

किन बातों पर रखनी होगी नजर?

हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। अन्य खर्चों में 35% की सालाना बढ़ोतरी हुई है, खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से प्रभावित फ्रेट कॉस्ट (Freight Cost) में। कंपनी वर्किंग कैपिटल एफिशिएंसी (Working Capital Efficiency) को बेहतर बनाने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही है ताकि इन्वेंटरी और वर्क-इन-प्रोग्रेस (WIP) को कम किया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.