MBL Infrastructure Ltd को देहरादून की कमर्शियल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उत्तराखंड PWD को कंपनी का **₹81.14 करोड़** का आर्बिट्रेशन अवार्ड जमा करने का आदेश दिया है, साथ ही इस पर **12%** सालाना ब्याज भी मिलेगा।
कोर्ट का बड़ा फैसला
देहरादून की कमर्शियल कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में उत्तराखंड पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) को निर्देश दिया है कि वे MBL Infrastructure का ₹81.14 करोड़ का आर्बिट्रेशन अवार्ड जमा करें। यह फैसला उधम सिंह नगर जिले में सड़क निर्माण (पैकेज नंबर C-2) से जुड़े पुराने विवाद को लेकर आया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि जब तक यह राशि कंपनी को नहीं मिल जाती, तब तक मूलधन पर 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज जुड़ता रहेगा।
निवेशकों के लिए अहम क्यों?
सरकारी एजेंसियों के साथ लंबे समय से चल रहे पेमेंट विवादों का समाधान कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। आर्बिट्रेशन अवार्ड्स के मामलों में अक्सर प्रक्रिया लंबी खिंचती है, लेकिन कोर्ट के इस आदेश से कंपनी को मिलने वाली कैश इनफ्लो की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सफल वसूली से MBL Infrastructure का वर्किंग कैपिटल सुधरेगा और कंपनी की लिक्विडिटी स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी।
आगे क्या है रिस्क?
भले ही कानूनी जीत कंपनी के पक्ष में रही हो, लेकिन सरकारी फंड्स के मामले में प्रक्रियात्मक देरी की संभावना हमेशा बनी रहती है। निवेशकों को अभी यह देखना होगा कि यह पैसा वास्तव में कंपनी के बैलेंस शीट तक कब तक पहुंचता है। अगली तिमाही के डिस्क्लोजर्स पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि उसी से फंड की वास्तविक प्राप्ति की पुष्टि हो पाएगी।
