M & B Engineering ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹29.49 करोड़** रहा है, जिसे साणंद यूनिट में नई कैपेसिटी और **₹1,109 करोड़** की मजबूत ऑर्डर बुक से बड़ा सहारा मिला है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
कंपनी के लिए दूसरी तिमाही बेहद शानदार रही है। M & B Engineering ने 25.4% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹384.67 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 32.8% उछलकर ₹29.49 करोड़ पर पहुंच गया है। अगर हम पहली छमाही (H1) की बात करें, तो कुल रेवेन्यू ₹675.77 करोड़ और मुनाफा ₹51.39 करोड़ दर्ज किया गया है।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और भविष्य की राह
ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी ने साणंद फैसिलिटी में अपने ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन के पहले फेज को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इससे कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में 20,000 MTPA का इजाफा हुआ है, जिससे अब साणंद और चेय्यर प्लांट की कुल प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) क्षमता 124,000 MTPA हो गई है।
मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 25% से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी अगले तीन से चार वर्षों के लिए 20% से अधिक की CAGR ग्रोथ का टारगेट लेकर चल रही है।
ध्यान देने वाली बातें
- अकाउंटिंग बदलाव: कंपनी ने अपनी Proflex डिवीजन के लिए डेप्रिसिएशन का तरीका WDV से बदलकर 'स्ट्रेट लाइन मेथड' (SLM) कर दिया है, जिसका मुनाफे पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
- निवेशकों के लिए: प्रतिस्पर्धी PEB मार्केट में मार्जिन को बनाए रखना और नई क्षमता को कुशलता से स्केल करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
- डिविडेंड: हाल ही में संपन्न AGM में शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया गया है।
