Loyal Equipments Ltd ने FY26 के अपने सालाना नतीजों में रेवेन्यू में **4.88%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन कंपनी का मुनाफा सीधे **37%** गिर गया है। कंपनी मैनेजमेंट में बड़े बदलाव और कुछ कानूनी नियमों के पालन में देरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट और मार्जिन का संकट
कंपनी ने अपनी 19वीं सालाना रिपोर्ट पेश की है। जहां एक तरफ रेवेन्यू ₹78.98 करोड़ (₹7,897.84 लाख) पर पहुंच गया है, वहीं कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कंपनी का EBITDA 21.11% घटकर ₹13.26 करोड़ (₹1,326.16 लाख) रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 36.85% लुढ़ककर महज ₹6.73 करोड़ (₹673.37 लाख) पर आ गया है। इस साल बोर्ड ने कोई भी डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
गवर्नेंस पर उठे सवाल
आंकड़ों के अलावा, सीक्रेटेरियल ऑडिट में कुछ गंभीर कमियां सामने आई हैं। इसमें CEO के इस्तीफे की जानकारी देने में देरी, ट्रेडिंग विंडो डिस्क्लोजर और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के कार्यकाल के प्रबंधन में गलतियां शामिल हैं। ये ऑपरेशनल खामियां कंपनी के इंटरनल गवर्नेंस पर सवाल खड़े करती हैं।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
कंपनी में नेतृत्व के स्तर पर काफी उथल-पुथल रही है। CEO ऋषि रूप कपूर ने 28 फरवरी 2026 को इस्तीफा दे दिया। साथ ही, बोर्ड में भी बदलाव किए गए हैं, जिसमें विकास शर्मा, प्रदीप कुमार अग्रवाल और शरद व्यास को नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने Mittal V. Kothari & Associates को नया सीक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त किया है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
कंपनी का मैनेजमेंट बढ़ते रॉ-मटेरियल के खर्च और इन्फ्लेशनरी दबाव को मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह मान रहा है। अब निवेशकों की नजरें 30 सितंबर 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं, जहां कंपनी मार्जिन सुधारने की रणनीति और अनुपालन (Compliance) ढांचे को मजबूत करने पर अपनी बात रख सकती है।
