Lokesh Machines: पाबंदियां हटने के बाद कंपनी की बड़ी छलांग, मुनाफे में **7 गुना** का उछाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Lokesh Machines: पाबंदियां हटने के बाद कंपनी की बड़ी छलांग, मुनाफे में **7 गुना** का उछाल

Lokesh Machines के लिए फाइनेंशियल ईयर **2026** बेहद शानदार रहा है। कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों (OFAC Sanctions) के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹0.54 करोड़** से बढ़कर **₹3.86 करोड़** पर पहुंच गया है। अच्छी खबर यह है कि अब कंपनी इन पाबंदियों से पूरी तरह मुक्त हो चुकी है और डिफेंस सेक्टर के मजबूत ऑर्डर्स के दम पर आगे बढ़ रही है।

मुनाफे की रफ्तार और पाबंदियों से आजादी

फाइनेंशियल ईयर 2026 Lokesh Machines के लिए ऐतिहासिक रहा है। कंपनी का EBITDA 34.2% बढ़कर ₹38.25 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले साल की तुलना में अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹0.28 से उछलकर ₹1.95 हो गया है, जबकि कुल रेवेन्यू ₹208.56 करोड़ रहा। सबसे बड़ी राहत 30 जून, 2026 को मिली, जब अमेरिकी प्रतिबंध हटने से कंपनी के लिए इंटरनेशनल बैंकिंग और ग्लोबल मार्केट के दरवाजे फिर से खुल गए हैं।

डिफेंस सेक्टर से मिल रहा बूस्ट

कंपनी के पास फिलहाल ₹271 करोड़ का तगड़ा ऑर्डर बुक है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण योगदान रक्षा मंत्रालय (आर्मी) से मिले ₹58.21 करोड़ के उस ऑर्डर का है, जिसके तहत कंपनी 'मीडियम मशीन गन' के अपग्रेडेशन किट्स तैयार करेगी। यह बताता है कि कंपनी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में अपनी पैठ मजबूती से जमा रही है।

गवर्नेंस और आगे की राह

हालांकि कंपनी को SEBI नियमों के उल्लंघन (बोर्ड कंपोजिशन) के चलते BSE और NSE से ₹6.136 लाख प्रति एक्सचेंज का जुर्माना भी भरना पड़ा, जिसे कंपनी ने नवंबर 2025 में बोर्ड के पुनर्गठन के जरिए सुधार लिया है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि कितनी तेजी से कंपनी अपने इंटरनेशनल बैंकिंग रिश्तों को फिर से पटरी पर लाती है और एक्सपोर्ट मार्केट में अपनी खोई हुई हिस्सेदारी वापस हासिल करती है।

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