Lloyds Metals and Energy: दमदार मुनाफा, नवीकरणीय ऊर्जा में बड़ा निवेश

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AuthorMehul Desai|Published at:
Lloyds Metals and Energy: दमदार मुनाफा, नवीकरणीय ऊर्जा में बड़ा निवेश

Lloyds Metals and Energy ने हालिया तिमाही में दमदार परफॉर्मेंस दिखाते हुए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने **₹7,354.40 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट सेल्स और **₹1,733.89 करोड़** का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। इसके साथ ही, कंपनी अपनी सब्सिडियरी में **₹625 करोड़** तक का निवेश करने और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने की भी योजना बना रही है, जिसका मकसद कॉस्ट ऑप्टिमाइज करना है।

Lloyds Metals and Energy: मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और रणनीतिक निवेश

कंसोलिडेटेड नेट सेल्स: ₹7,354.40 करोड़
कंसोलिडेटेड PAT: ₹1,733.89 करोड़

क्यों खास है ये नतीजे?
Lloyds Metals and Energy Ltd. ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹7,354.40 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट सेल्स और ₹1,733.89 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) हासिल किया है। वहीं, स्टैंडअलोन नेट सेल्स ₹5,412.91 करोड़ और स्टैंडअलोन PAT ₹1,526.89 करोड़ रहा।

आगे क्या?

कंपनी के बोर्ड ने कई अहम रणनीतिक फैसलों को मंजूरी दी है। इसमें अपनी सब्सिडियरी, Thriveni Earthmovers and Infra Private Limited (TEIL) में वर्किंग कैपिटल और विस्तार के लिए ₹625 करोड़ तक का निवेश शामिल है। इसके अलावा, बोर्ड ने Amplus Green One Power Private Limited, Amplus Energy One Private Limited, और Amplus Ceres Solar Private Limited जैसी ग्रुप कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में कम से कम 26% हिस्सेदारी खरीदने को भी मंजूरी दी है। कंपनी अपनी सब्सिडियरी, Lloyds Global Resources FZCO को दिए गए USD 200 मिलियन के लोन को इक्विटी में बदलने की भी योजना बना रही है, ताकि उसकी कैपिटल स्ट्रक्चर मजबूत हो सके।

क्यों मायने रखता है ये?

ये नतीजे Lloyds Metals and Energy के लिए मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और लाभप्रदता के दौर का संकेत देते हैं। नवीकरणीय ऊर्जा में रणनीतिक निवेश का लक्ष्य लंबी अवधि में ऑपरेशनल कॉस्ट को कम करना है, जबकि TEIL में पूंजी निवेश ग्रोथ और विस्तार पर कंपनी के फोकस को दर्शाता है। लोन पुनर्गठन से सब्सिडियरी की वित्तीय सेहत को भी मजबूती मिलेगी।

रिस्क फैक्टर पर नजर

ऑडिटर द्वारा बताई गई एक अहम चिंता NTPC से ₹534.48 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) की वसूली है। मामला फिलहाल सिविल कोर्ट में है, क्योंकि सुलह (Conciliation) की कोशिशें नाकाम रहीं। यह कंपनी के कैश फ्लो के लिए एक संभावित जोखिम पैदा कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.