Lloyds Metals and Energy Ltd ने FY26 में ₹13,837.8 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज कर इतिहास रचा है। कंपनी ने पहली बार ₹10,000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है। साथ ही, कंपनी ने कॉपर (Copper) में उतरने का ऐलान किया और 100% डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है।
Lloyds Metals का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
Lloyds Metals and Energy Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹13,837.8 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। यह पिछले साल के मुकाबले 100% से ज़्यादा की ग्रोथ है और कंपनी के लिए पहली बार ₹10,000 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाला एक ऐतिहासिक पल है। इस दौरान कंपनी की कुल आय ₹17,306.4 करोड़ रही।
फायदे का सौदा: EBITDA और मार्जिन
कंपनी का EBITDA ₹6,333.9 करोड़ रहा, जिसमें 36.60% का तगड़ा EBITDA मार्जिन देखने को मिला। प्रोडक्शन की बात करें तो, आयरन ओर (Iron Ore) का उत्पादन 21.96 मिलियन टन और पेलेट (Pellet) का उत्पादन 3.03 मिलियन टन रहा।
क्यों है ये खबर अहम?
यह नतीजे Lloyds Metals के लिए एक बड़े ग्रोथ फेज का संकेत देते हैं। रेवेन्यू दोगुना होना और इंटीग्रेटेड माइनिंग-टू-मेटल मॉडल को मजबूत करना कंपनी की तरक्की को दिखाता है। कॉपर में विस्तार का मकसद बिजनेस सेगमेंट पर निर्भरता कम करना और नए कमोडिटी मार्केट में पैठ बनाना है।
भविष्य की रणनीति: कॉपर में विस्तार
Lloyds Metals अब सिर्फ आयरन ओर और पेलेट तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी कॉपर (Copper) के क्षेत्र में भी कदम रख रही है। इसके लिए वे Surya Mines में ऑपरेशन और Chemaf Group में हिस्सेदारी का इस्तेमाल करेंगे। यह एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम है।
इन बातों पर रखें नज़र
कंपनी के मैनेजमेंट में रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (Related Party Transactions) से जुड़े कई रेजोल्यूशन पर लगातार नज़र रखने की ज़रूरत होगी। यह गुड गवर्नेंस (Good Governance) के लिहाज़ से अहम है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक अब कंपनी की कॉपर में विस्तार की रणनीति, नई प्रोडक्शन फैसिलिटीज के विकास और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस से जुड़े गवर्नेंस प्रैक्टिसेस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
