Lloyds Enterprises ने FY26 के लिए अपने स्टैंडअलोन प्रॉफिट में ज़बरदस्त उछाल दर्ज किया है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹268 करोड़ हो गया, जो पिछले साल सिर्फ ₹16 करोड़ था। इसके साथ ही, कंपनी ने **5%** डिविडेंड देने की भी सिफारिश की है और इंजीनियरिंग सेगमेंट में **₹8,000 करोड़** का मजबूत ऑर्डर बुक है।
Lloyds Enterprises ने FY26 के अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान कर दिया है, जो निवेशकों के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भारी उछाल दर्ज करते हुए ₹268 करोड़ का आंकड़ा छुआ है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹16 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड इनकम ₹2,200 करोड़ रहा।
इंजीनियरिंग में दमदार प्रदर्शन
Lloyds Enterprises की प्रमुख सहायक कंपनी, Lloyds Engineering Works Limited, ने अपने इतिहास की सबसे अधिक रेवेन्यू हासिल की है। कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 44% की ग्रोथ देखने को मिली है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी के पास ₹8,000 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो भविष्य के लिए अच्छी कमाई के संकेत दे रहा है।
शेयरधारकों को मिलेगा तोहफा
कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए, बोर्ड ने 5% डिविडेंड की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर है और कंपनी के मैनेजमेंट का अपने वित्तीय स्वास्थ्य पर भरोसा दिखाता है।
रियल एस्टेट डीमर्जर पर अपडेट
Lloyds Enterprises अपने रियल एस्टेट बिजनेस को अलग करने की तैयारी में है। SEBI, BSE और NSE से इस मर्जर और डीमर्जर स्कीम के लिए मंजूरी मिल गई है, लेकिन NCLT की मंजूरी का इंतजार है। उम्मीद है कि इसके बाद रियल एस्टेट आर्म की अलग से लिस्टिंग होगी।
नए अधिग्रहण और आगे की राह
कंपनी ने हाल ही में Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में 18% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है, जिससे Lloyds Group का कुल नियंत्रण अब लगभग 88% हो गया है।
निवेशकों की नजर अब NCLT से रियल एस्टेट डीमर्जर की मंजूरी पर रहेगी। इसके अलावा, Geomysore Services में गोल्ड प्रोडक्शन और SISCOL के प्रदर्शन पर भी नजर रखी जाएगी।
