Lloyds Enterprises लिमिटेड एक बड़ा कदम उठाते हुए Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में **88.12%** हिस्सेदारी **₹1,073.40 करोड़** में खरीदने जा रही है। इस डील का मकसद कंपनी के रेवेन्यू और नेट वर्थ को बढ़ाना है, साथ ही अगले **30** महीनों में SISCOL को लिस्ट कराने की योजना है।
Lloyds Enterprises ने Steel Infra Solutions में हासिल की 88.12% हिस्सेदारी
Lloyds Enterprises लिमिटेड, अपने सहयोगी ग्रुप्स Lloyds Engineering Works Limited और Streamland Estate LLP के साथ मिलकर Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में 88.12% की बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए तैयार है। इस पूरे सौदे की कीमत ₹1,073.40 करोड़ है।
इस डील के तहत, Lloyds Enterprises लिमिटेड 17.98% हिस्सेदारी ₹219 करोड़ कैश में खरीदेगी। वहीं, Lloyds Engineering Works Limited लगभग ₹635.40 करोड़ में कैश और शेयर स्वैप के जरिए 52.16% हिस्सेदारी अपने नाम करेगी। Streamland Estate LLP भी ₹219 करोड़ कैश देकर 17.98% हिस्सेदारी खरीदेगी।
क्यों है ये डील अहम?
Lloyds Enterprises के लिए यह एक्विजिशन (Acquisition) काफी अहम है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे कंसोलिडेटेड रेवेन्यू, प्रॉफिटेबिलिटी और नेट वर्थ में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी। SISCOL के जुड़ने से कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन और मजबूत होगी। सबसे खास बात यह है कि कंपनी 30 महीनों के अंदर SISCOL को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) या स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट कराने की तैयारी में है, जिससे सब्सिडियरी की वैल्यू को और बढ़ाया जा सकेगा।
SISCOL का अब तक का सफर
Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) का फाइनेंशियल परफॉरमेंस (Financial Performance) लगातार बेहतर होता रहा है। FY24 में जहां इसका टर्नओवर ₹573.49 करोड़ था, वहीं FY25 में यह बढ़कर ₹636.10 करोड़ हो गया। कंपनी ने FY26 के लिए ₹816.87 करोड़ का टर्नओवर और ₹43.42 करोड़ का नेट प्रॉफिट अनुमानित किया है। SISCOL हैवी स्टील फैब्रिकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस के सेक्टर में काम करती है और इसकी सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 100,000 MT प्रति वर्ष है, जो 6 अलग-अलग फैसिलिटीज में फैली हुई है।
अब क्या बदलेगा?
इस एक्विजिशन के बाद, Lloyds Enterprises का SISCOL पर कंट्रोल (Control) होगा और इसके ऑपरेशन्स (Operations) और फाइनेंशियल्स (Financials) पेरेंट कंपनी के कंसोलिडेटेड स्टेटमेंट्स (Consolidated Statements) में शामिल हो जाएंगे। डील पूरी करने पर फोकस रहेगा, जिसकी अनुमानित तारीख 31 जुलाई, 2026 है, हालांकि इसमें आपसी सहमति से बदलाव संभव है। डील पूरी होने के बाद, कंपनी SISCOL की लिस्टिंग की दिशा में काम शुरू करेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम?
निवेशकों को एक्विजिशन की टाइमलाइन पर नज़र रखनी होगी, क्योंकि 31 जुलाई, 2026 की अनुमानित कंप्लीशन डेट (Completion Date) आपसी सहमति से बढ़ाई जा सकती है। इस डील में कई कंपनियां शामिल हैं और पेमेंट कैश व शेयर स्वैप दोनों तरह से हो रहा है, इसलिए सभी स्टेजेस (Stages) के स्मूथली (Smoothly) पूरे होने पर बारीकी से नजर रखना ज़रूरी है।
अगली बड़ी खबर?
निवेशकों को एक्विजिशन कंप्लीशन की प्रगति पर करीबी नज़र रखनी चाहिए और 31 जुलाई, 2026 की डेडलाइन (Deadline) से जुड़ी किसी भी नई जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। SISCOL की पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी से जुड़ी घोषणाएं भविष्य में वैल्यू अनलॉक (Value Unlock) के असेसमेंट (Assessment) के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
