Lloyds Engineering Works: तीन कंपनियों के मेगा मर्जर का ऐलान, NCLT बैठक की तारीख तय

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Lloyds Engineering Works: तीन कंपनियों के मेगा मर्जर का ऐलान, NCLT बैठक की तारीख तय

Lloyds Engineering Works ने अपनी तीन सब्सिडियरी कंपनियों के साथ मर्जर को मंजूरी देने के लिए 16 अक्टूबर, 2026 को NCLT की बैठक बुलाई है। इस विलय से कंपनी का ऑर्डर बुक ₹4,500 करोड़ के पार पहुंच जाएगा।

मर्जर की पूरी योजना

कंपनी Lloyds Infrastructure & Construction Ltd (LICL), Metalfab Hightech Pvt Ltd (MHPL) और Techno Industries Pvt Ltd (TIPL) के साथ मिलकर एक बड़ा इंजीनियरिंग पावरहाउस बनाने की तैयारी में है। बोर्ड ने इस स्कीम को पहले ही 29 दिसंबर, 2025 को मंजूरी दे दी थी। अब 16 अक्टूबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शेयरधारकों की मुहर लगना बाकी है।

क्या है शेयर स्वैप रेशियो (Share Swap Ratio)?

इस विलय प्रक्रिया के तहत निवेशकों के लिए शेयरों का वितरण कुछ इस प्रकार होगा:

  • LICL: हर 1,500 शेयरों के बदले 1,798 LEWL शेयर मिलेंगे।
  • MHPL: हर 5 शेयरों के बदले 94 LEWL शेयर दिए जाएंगे।
  • TIPL: यह पहले से ही पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है, इसलिए इसमें कोई शेयर अदला-बदली नहीं होगी।

क्यों खास है यह डील?

इस मर्जर का सबसे बड़ा फायदा कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता में होगा। LICL के पास पहले से ही ₹4,500 करोड़ से ज्यादा का शानदार ऑर्डर बुक है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो LICL का रेवेन्यू ₹1,902.25 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹173.81 करोड़ रहा है। वहीं, LEWL का रेवेन्यू ₹1,052.22 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹118.27 करोड़ दर्ज किया गया। दोनों का एक साथ आना कंपनी की बैलेंस शीट को काफी मजबूत बनाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.