Lloyds Engineering Works Limited ने 16 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई, जिसमें तीन कंपनियों के मर्जर पर मुहर लगाने के लिए शेयरधारकों ने वोटिंग की।
मर्जर की पूरी प्रक्रिया
NCLT मुंबई के 19 अगस्त 2026 के आदेश के बाद, Lloyds Engineering Works Limited ने अपनी प्रस्तावित विलय योजना को मंजूरी दिलाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शेयरधारकों की बैठक आयोजित की। इस मर्जर के जरिए Lloyds Infrastructure & Construction, Metalfab Hightech और Techno Industries को कंपनी के साथ मिलाया जा रहा है।
क्यों है यह मर्जर खास?
यह कदम कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एसेट्स को एक साथ लाने का एक बड़ा प्रयास है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी CA प्रणय लूनिया की अध्यक्षता में की गई, जबकि CS हर्षवर्धन तरकस ने 'स्क्रूटिनाइजर' की भूमिका निभाई।
वोटिंग और नियम
कंपनी ने अपनी वोटिंग प्रक्रिया को Companies Act, 2013 और SEBI के मास्टर सर्कुलर के अनुसार रखा है। इसमें सफल मर्जर के लिए कम से कम 75% वैल्यू के बहुमत और पब्लिक शेयरधारकों की सहमति अनिवार्य है। निवेशकों को रिमोट ई-वोटिंग और मीटिंग के दौरान लाइव ई-वोटिंग दोनों की सुविधा दी गई थी।
अब आगे क्या?
अगले 2 दिनों के भीतर स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट BSE और NSE को सौंपी जाएगी। यह रिपोर्ट तय करेगी कि मर्जर की प्रक्रिया अपने अगले और अंतिम चरण यानी रेगुलेटरी फाइनललाइजेशन की ओर बढ़ेगी या नहीं।
