Lloyds Engineering Works ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू दोगुना होकर **₹1,120.70 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक में **190%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
शानदार परफॉरमेंस की इनसाइड स्टोरी
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए धमाकेदार आंकड़े पेश किए हैं। पिछले साल की समान अवधि के ₹533.67 करोड़ के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू अब ₹1,120.70 करोड़ हो गया है। कंपनी के मुनाफे में भी 65% की बढ़त दिखी है। इसके अलावा, EBITDA में 72.3% का बड़ा उछाल आया है, जो ₹158.76 करोड़ तक पहुंच गया है।
SISCOL में बड़ा निवेश
कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है। बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी, Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में ₹100 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश ₹30 प्रति शेयर के भाव पर प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए किया जाएगा। बता दें कि कंपनी के पास पहले से ही SISCOL की 51.70% हिस्सेदारी है।
ऑर्डर बुक में रिकॉर्ड उछाल
कंपनी की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक अब ₹4,591.67 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर है। यह भारी उछाल कंपनी की इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
आगे की चुनौतियां और रणनीति
कंपनी अपने स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 'मर्जर बाय एब्जॉर्प्शन' (Merger by Absorption) की प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रही है। वहीं, निवेशकों को 7.35 करोड़ ऑप्शंस के नए ESOP पूल पर भी नजर रखनी होगी, जिससे इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का असर देखने को मिल सकता है। कंपनी अपनी एक और सब्सिडियरी, Lloyds Advance Defence Systems Limited में भी अपनी होल्डिंग बनाए रखे हुए है, जहां हालिया फंडरेजिंग के बाद हिस्सेदारी 85% रह गई है।
