Lloyds Engineering Works लिमिटेड ने Steel Infra Solutions (SISCOL) में **52.16%** हिस्सेदारी **₹635.40 करोड़** में खरीदने का ऐलान किया है। इस कदम से कंपनी एक मल्टी-डिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म बनने की राह पर है और फाइनेंशियल ईयर 2030 तक **₹10,000 करोड़** से ज़्यादा रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। शेयरहोल्डर्स इस अधिग्रहण पर वोट करेंगे।
Lloyds Engineering ने Steel Infra Solutions को ₹635 करोड़ में खरीदा
Lloyds Engineering Works Limited (LEWL) ने Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में 52.16% हिस्सेदारी ₹635.40 करोड़ में खरीदने की घोषणा की है। इस स्ट्रैटेजिक कदम का मकसद LEWL को एक व्यापक, मल्टी-डिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म में बदलना है।
क्या है खास?
LEWL के बोर्ड ने SISCOL में मेजॉरिटी स्टेक के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। यह डील, जिसकी वैल्यू ₹635.40 करोड़ है, में कैश और शेयर स्वैप दोनों शामिल हैं। यह अन्य एंटिटीज को मिलाकर कुल 88.12% के बड़े अधिग्रहण का हिस्सा है।
SISCOL के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में लगातार ग्रोथ दिख रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए इसका अनुमानित टर्नओवर ₹816.87 करोड़ है और इसी फाइनेंशियल ईयर में ₹43.42 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया था।
क्यों है यह अहम?
इस अधिग्रहण से LEWL एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्लेयर के तौर पर स्थापित होगी, जो सिर्फ स्पेशलिस्ट इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरर की भूमिका से आगे बढ़ेगी। इस विस्तार से कंपनी को बड़े, टर्नकी प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने और अपने महत्वाकांक्षी रेवेन्यू टारगेट को हासिल करने में मदद मिलेगी।
बैकस्टोरी
SISCOL अपनी महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के साथ आती है, जो फिलहाल 150,000 MTPA है और जिसे 200,000 MTPA तक बढ़ाने की योजना है। इन क्षमताओं का एकीकरण LEWL की ग्रोथ स्ट्रैटेजी के लिए महत्वपूर्ण है।
आगे क्या बदलेगा?
LEWL का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2029/30 तक सालाना रेवेन्यू ₹10,000 करोड़ से ज़्यादा करना है। कंपनी ने ₹1,000 करोड़ तक की नई बरोइंग लिमिट को भी मंजूरी दी है और Lloyds Advance Defence Systems Limited में एक छोटी इन्वेस्टमेंट भी की है।
ध्यान देने योग्य रिस्क
SISCOL के ऑपरेशन्स का सफल एकीकरण और अनुमानित रेवेन्यू ग्रोथ टारगेट को हासिल करना महत्वपूर्ण होगा। 30 महीनों के भीतर SISCOL की फ्यूचर लिस्टिंग शेयरहोल्डर वैल्यू अनलॉक करने के लिए एक महत्वपूर्ण इवेंट है।
मेट्रिक्स (समय-सीमा के साथ)
- अधिग्रहण लागत: SISCOL के 52.16% के लिए ₹635.40 करोड़।
- SISCOL FY26 नेट प्रॉफिट: ₹43.42 करोड़।
- SISCOL FY26 अनुमानित टर्नओवर: ₹816.87 करोड़।
- रेवेन्यू टारगेट: फाइनेंशियल ईयर 2029/30 तक ₹10,000 करोड़ से ज़्यादा।
- EGM की तारीख: 15 जुलाई, 2026।
आगे क्या देखें?
EGM में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी, SISCOL के इंटीग्रेशन की प्रगति और इसका अंतिम लिस्टिंग, निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण इवेंट्स होंगे जिन पर नज़र रखनी चाहिए।
