Lloyds Engineering Works (LEWL) ने Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में **88.12%** हिस्सेदारी **₹1,073.40 करोड़** में खरीद ली है। इस रणनीतिक कदम से SISCOL की फैब्रिकेशन विशेषज्ञता LEWL की EPC क्षमताओं के साथ जुड़ जाएगी, जिससे दोनों कंपनियां मिलकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को संभालने में सक्षम होंगी।
Lloyds Engineering का ₹1073 करोड़ में Steel Infra में अधिग्रहण
Lloyds Engineering Works (LEWL) ने Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में 88.12% हिस्सेदारी के लिए ₹1,073.40 करोड़ का भुगतान किया है। SISCOL ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ₹816.87 करोड़ का टर्नओवर और ₹43.42 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
क्या हुआ?
Lloyds Engineering Works के बोर्ड ने Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में 88.12% हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इस सौदे का कुल मूल्य ₹1,073.40 करोड़ है।
इस अधिग्रहण के बाद, SISCOL की स्ट्रक्चरल स्टील फैब्रिकेशन की विशेषज्ञता LEWL की इंजीनियरिंग और EPC क्षमताओं के साथ मिल जाएगी। इससे संयुक्त कंपनी की क्षमता बढ़कर 150,000 MTPA हो जाएगी, और भविष्य में इसे 200,000 MTPA तक ले जाने की योजना है।
क्यों है यह अहम?
इस अधिग्रहण से एक 'नेशनल इंजीनियरिंग चैंपियन' के रूप में क्षमता विकसित होने की उम्मीद है, जो बड़े और अधिक जटिल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को संभालने में सक्षम होगा। कंपनी का मैनेजमेंट परिचालन तालमेल (operational synergies), एकीकृत प्रोजेक्ट बिडिंग और अनुकूलित मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से फाइनेंशियल ईयर 2029-30 तक ₹10,000 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखता है।
पृष्ठभूमि
Lloyds Engineering Works इंजीनियरिंग और EPC सेक्टर में काम करती है। यह अधिग्रहण उसके परिचालन को बढ़ाने और बाजार में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें फैब्रिकेशन और इंजीनियरिंग सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा।
अब क्या बदलेगा?
LEWL अब अपनी मौजूदा इंजीनियरिंग और EPC ताकत के साथ-साथ स्ट्रक्चरल स्टील फैब्रिकेशन में भी बढ़ी हुई क्षमताएं हासिल कर लेगी। इस एकीकरण से परिचालन में तालमेल आने की उम्मीद है, जिससे कंपनी बड़े अनुबंधों के लिए बोली लगा सकेगी और एंड-टू-एंड समाधान पेश कर सकेगी।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
कंपनी ने अपनी विकास और अधिग्रहण रणनीति को फंड करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ₹1,000 करोड़ तक का उधार लेने की मंजूरी दी है। निवेशकों को इस कर्ज के उपयोग और कंपनी की बैलेंस शीट पर इसके प्रभाव की निगरानी करनी चाहिए।
इसके अलावा, LEWL अगले 30 महीनों के भीतर SISCOL के लिए एक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की योजना बना रही है, जो भविष्य में कॉर्पोरेट पुनर्गठन या इक्विटी कार्यक्रमों का संकेत देता है।
अगले कदम
निवेशकों को LEWL और SISCOL के बीच एकीकरण प्रक्रिया, ₹1,000 करोड़ की उधार सुविधा के प्रभावी उपयोग और 200,000 MTPA की क्षमता विस्तार लक्ष्य की दिशा में प्रगति की निगरानी करनी चाहिए। परिचालन तालमेल के विकास और कंपनी द्वारा बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की तलाश पर नज़र रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
