Lippi Systems Ltd अब पूरी तरह से अपना बिजनेस मॉडल बदलने जा रही है। कंपनी का नाम बदलकर 'Nilkanth Resources Limited' किया जाएगा और अब यह माइनिंग सेक्टर में कदम रखेगी।
बिजनेस का नया स्वरूप
कंपनी अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। Lippi Systems अब केवल एक पुरानी कंपनी नहीं रहेगी, बल्कि माइनिंग और इंडस्ट्रियल मिनरल जैसे कोयला, आयरन ओर, और कॉपर के कारोबार में अपना विस्तार करेगी।
कर्ज की नई सीमा और रणनीतिक बदलाव
कंपनी ने अपनी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने के लिए कर्ज की लिमिट को ₹500 करोड़ तक करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, ₹100 करोड़ तक के इंटर-कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट की मंजूरी भी मांगी गई है, जो यह दिखाता है कि कंपनी माइनिंग सेक्टर में भारी निवेश की योजना बना रही है।
मैनेजमेंट में बड़े फेरबदल
कंपनी ने श्री जगदीश ढोलू को 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, कंपनी का गवर्नेंस फ्रेमवर्क ठीक रखने के लिए नए वैधानिक और सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स भी नियुक्त किए जा रहे हैं।
रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (Related Party Transactions)
कंपनी ने आने वाले 5 सालों के लिए बड़े सौदों की मंजूरी मांगी है। इसमें Nilkanth Marki Zari Coal Block Pvt Ltd के साथ ₹35 करोड़, और Prism Vista Mineral Pvt Ltd व Nilkanth Infra Mining Ltd के साथ ₹25-25 करोड़ तक के सालाना ट्रांजेक्शन शामिल हैं।
निवेशकों को अब AGM में होने वाली वोटिंग और कंपनी के माइनिंग प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन पर खास नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी का पूरा फोकस अब माइनिंग की ओर शिफ्ट हो चुका है।
