Lippi Systems में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी ने अपना नाम बदलकर Neelkanth Resources Limited कर लिया है और अब अपना कारोबार बदल कर बेंटोनाइट (bentonite) और इंडस्ट्रियल मिनरल माइनिंग की तरफ शिफ्ट कर दिया है।
बड़ा कॉर्पोरेट बदलाव
Lippi Systems Limited अब एक पूरी तरह से बदली हुई कंपनी के रूप में काम करेगी। कंपनी के बोर्ड ने री-ब्रैंडिंग के साथ-साथ अपने मुख्य बिजनेस मॉडल को भी बदल दिया है। अब कंपनी माइनिंग, प्रोसेसिंग और इंडस्ट्रियल मिनरल्स की ट्रेडिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस बदलाव की शुरुआत ₹20.28 करोड़ की शेयर डील के साथ हुई है, जिसमें 35,67,969 शेयर ₹56.84 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे गए हैं।
मैनेजमेंट में भारी फेरबदल
यह बदलाव सिर्फ नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी लीडरशिप टीम को बदल दिया गया है। 27 अगस्त, 2026 से प्रभावी हुए नए बदलावों के तहत, श्री जगदीश ढोलू को मैनेजिंग डायरेक्टर और श्री विनेश ढोलू को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। पुराने प्रमोटरों ने अब बोर्ड से हटने का फैसला लिया है और उन्हें 'पब्लिक कैटेगरी' में रीक्लासिफाई कर दिया गया है। कंपनी ने अपनी गवर्नेंस को नई दिशा देने के लिए अपने सभी स्टेट्युटरी, सेक्रेटेरियल और इंटरनल ऑडिटर्स को भी पूरी तरह से बदल दिया है।
निवेशकों के लिए क्या हैं रिस्क?
निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि माइनिंग जैसे भारी-भरकम कारोबार में कंपनी का ट्रांजिशन कितना सफल रहता है। नए बिजनेस के लिए बड़ी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) की जरूरत होती है। साथ ही, मैनेजमेंट और ऑडिटर्स का एक साथ बदलना गवर्नेंस के लिहाज से एक नया ट्रांजिशन फेज है, जिस पर पारदर्शिता बनाए रखना कंपनी की पहली चुनौती होगी।
आने वाले समय में कंपनी के माइनिंग प्रोजेक्ट्स शुरू होने और नई मैनेजमेंट टीम के तहत आने वाले पहले तिमाही नतीजों (Quarterly Results) पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।
