Lippi Systems के ₹19.22 करोड़ के ओपन ऑफर का पूरा ब्यौरा
Lippi Systems ने 33,82,231 शेयर्स के अधिग्रहण के लिए ओपन ऑफर का ऐलान किया है। यह कंपनी के बढ़े हुए शेयर कैपिटल का 25.05% हिस्सा है। ऑफर प्राइस 56.84 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, और इस पूरे ऑफर का कुल मूल्य 19.22 करोड़ रुपये है। ओपन ऑफर के लिए बोली लगाने की अवधि 10 जुलाई, 2026 से 23 जुलाई, 2026 तक रहेगी।
इस अधिग्रहण के तहत, मौजूदा शेयरधारक (Vinesh Shivji Dholu, Jagdish Shivji Dholu, Shivji Karamshi Dholu, Jagruti Vinesh Dholu, और Parul Jagdish Dholu) 35,67,969 मौजूदा शेयर खरीदेंगे और 65,00,000 वॉरंट सब्सक्राइब करेंगे। इस डील के बाद, मौजूदा प्रमोटर्स को पब्लिक कैटेगरी में डाल दिया जाएगा और ये एक्वायरर्स (खरीददार) कंपनी के नए प्रमोटर्स बन जाएंगे।
क्यों है ये खबर अहम?
यह ओपन ऑफर Lippi Systems के मालिकाना हक और मैनेजमेंट में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। नए प्रमोटर्स के आने और संभावित रणनीतिक बदलावों से कंपनी के भविष्य और परफॉरमेंस पर गहरा असर पड़ सकता है।
कंपनी की पिछली परफॉरमेंस
Lippi Systems ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में 3.77 करोड़ रुपये (₹377.24 लाख) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी को 74.24 लाख रुपये का घाटा हुआ था, और फाइनेंशियल ईयर 2024 में भी 85.95 लाख रुपये का घाटा दर्ज किया गया था। वहीं, कंपनी की कुल आय FY26 में बढ़कर 799.39 लाख रुपये हो गई, जो FY25 में सिर्फ 53.82 लाख रुपये थी।
नए प्रमोटर्स की क्या है प्लानिंग?
नए प्रमोटर्स, जो मुख्य रूप से कोयला खनन (coal mining) के कारोबार से जुड़े हैं, कंपनी के मौजूदा एसेट्स (assets) को रीस्ट्रक्चर (restructure) करने या बेचने की योजना बना सकते हैं। उनका लक्ष्य कंपनी की कार्यकुशलता (operational efficiency) को बढ़ाना है। इसके अलावा, शेयरधारकों और रेगुलेटरी अप्रूवल (regulatory approvals) मिलने पर वे कंपनी के मौजूदा बिजनेस, यानी रोटो ग्रेव्योर (Roto Gravures) के निर्माण से इसे बदलने पर भी विचार कर सकते हैं।
क्या हैं जोखिम?
एक बड़ी चिंता यह है कि नए एक्वायरर्स के पास Lippi Systems के मौजूदा रोटो ग्रेव्योर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का कोई सीधा अनुभव नहीं है। यह उनके लिए एक चुनौती साबित हो सकती है। इसके अलावा, इस डील का पूरा होना शेयरधारकों की मंजूरी और स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी जैसी कई शर्तों पर निर्भर करेगा।
कंपनी पर 6,74,600 रुपये की एक कंटीजेंट लायबिलिटी (contingent liability) भी है, जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा TDS (Tax Deducted at Source) की मांग से जुड़ी है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को नए मैनेजमेंट की रणनीतिक पहलों, संभावित बिजनेस मॉडल बदलावों और उनके कोयला खनन की पृष्ठभूमि के बावजूद रोटो ग्रेव्योर उद्योग की जटिलताओं को संभालने की क्षमता पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। ओपन ऑफर का सफल समापन और आगामी मंजूरी महत्वपूर्ण होंगे।
