Liotech Industries ने अपनी 6वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 सितंबर, 2026 को बुलाई है। इस मीटिंग में कंपनी अपने बिजनेस स्कोप को बढ़ाने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी, जिससे कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी, IoT हार्डवेयर और सरकारी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में एंट्री कर सके।
6वीं AGM: एक बड़ा रणनीतिक बदलाव
Liotech Industries लिमिटेड अपनी 6वीं AGM के जरिए एक नए सफर की शुरुआत करने जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग में वित्त वर्ष 2026 के नतीजों पर चर्चा के साथ-साथ डायरेक्टर Hetal Hitesh Bhuva की दोबारा नियुक्ति पर वोटिंग होगी। हालांकि, सबसे मुख्य एजेंडा कंपनी के 'मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन' में बदलाव करना है।
क्यों है यह कदम अहम?
कंपनी अपने कामकाज के दायरे को तेजी से बढ़ाना चाहती है। अभी तक कंपनी का कार्यक्षेत्र सीमित है, लेकिन इस स्पेशल रेजोल्यूशन के पास होने के बाद कंपनी के पास सोलर, विंड और हाइड्रोजन जैसे रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ EPC इंफ्रा और IoT-इनेबल्ड इंडस्ट्रियल हार्डवेयर जैसे क्षेत्रों में काम करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा। यह कंपनी को सीधे बड़े सरकारी टेंडर्स और हाई-मार्जिन वाले सप्लाई चेन कॉन्ट्रैक्ट्स में एंट्री दिला सकता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
यह रेजोल्यूशन तो केवल एक शुरुआत (Enabling Provision) है। असली खेल मैनेजमेंट की भविष्य की योजनाओं में छिपा है। AGM के दौरान निवेशकों को मैनेजमेंट से यह समझना होगा कि इन नए वर्टिकल्स के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का प्लान क्या है और क्या वे किसी बड़े पार्टनरशिप के जरिए इन क्षेत्रों में उतरने की योजना बना रहे हैं। यह बदलाव कंपनी के बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।
