Linde India ने जून 2026 तिमाही के लिए बेहतर रेवेन्यू और मुनाफे के आंकड़े पेश किए हैं। साथ ही, कंपनी ने Vikash Dokania को नया CFO नियुक्त किया है। हालांकि, Praxair India के साथ चल रहे कानूनी मामले निवेशकों के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं।
Linde India के नतीजों पर एक नज़र
Linde India Limited ने जून 30, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन में पिछले तिमाही की तुलना में सुधार दिखाया है। कंपनी का रेवेन्यू ₹694.36 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹614.33 करोड़ से ज्यादा है। इसी तरह, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) ₹138.12 करोड़ रहा, जो पिछले तिमाही के ₹115.40 करोड़ से बढ़ा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹103.03 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही के ₹85.20 करोड़ से अधिक है।
नई नियुक्ति और पुरानी चिंताएं
इन अच्छे नतीजों के बीच, Linde India ने एक अहम बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने मिस्टर Vikash Dokania को 15 सितंबर, 2026 से नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। वे अंतरिम CFO, मिस्टर Ajay Kumar Sah की जगह लेंगे। यह नियुक्ति कंपनी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
लेकिन, कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता Praxair India के साथ चल रहे कानूनी मामले हैं। इसमें संबंधित पक्ष के लेनदेन (related party transactions) और व्यावसायिक आवंटन समझौतों (business allocation agreements) से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, जो वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (statutory auditors) ने भी इन कानूनी मामलों पर चिंता जताई है, जिनका वित्तीय विवरणों पर अनिश्चित प्रभाव पड़ सकता है।
आगे क्या?
Linde India अब इस वित्तीय सुधार का लाभ उठाते हुए कानूनी दांव-पेंचों को संभालने की कोशिश करेगी। मिस्टर Dokania के नेतृत्व में कंपनी इन जटिलताओं से निपटने की उम्मीद कर रही है। निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट में इन मामलों के विकास पर करीब से नज़र रखनी चाहिए।
