Linde India Limited ने Kalinganagar प्रोजेक्ट पर स्थित Tata Steel की दो **1,800 TPD** एयर सेपरेशन यूनिट्स (ASUs) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कन्वेयंस डीड साइन होने के साथ ही कंपनी ने वहां इंडस्ट्रियल गैस की सप्लाई भी शुरू कर दी है, जो कंपनी के प्रोडक्शन और रेवेन्यू के नजरिए से बड़ा कदम है।
एसेट ओनर बनी Linde India
इस डील के बाद Linde India अब सिर्फ एक सर्विस प्रोवाइडर नहीं बल्कि एसेट ओनर बन गई है। Kalinganagar फेज-II एक्सपेंशन प्रोजेक्ट में स्थित इन 1,800 TPD की दो यूनिट्स का मालिकाना हक अब सीधे तौर पर Linde India के पास है। यह सौदा 30 सितंबर 2026 को कन्वेयंस डीड पर हस्ताक्षर के साथ आधिकारिक रूप से पूरा हुआ।
क्यों है यह डील अहम?
यह अधिग्रहण कंपनी को भारत के सबसे बड़े स्टील मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक में मजबूती देता है। Tata Steel के साथ लंबे समय से चले आ रहे गैस सप्लाई एग्रीमेंट के तहत अब कंपनी ज्यादा वैल्यू कैप्चर कर पाएगी। सबसे खास बात यह है कि हैंडओवर के साथ ही 30 सितंबर 2026 से इन यूनिट्स का ऑपरेशन भी शुरू हो गया है, जिससे सप्लाई चेन में कोई देरी नहीं हुई।
निवेशकों के लिए क्या है आगे का रास्ता?
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस कदम से आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा योगदान देखने को मिल सकता है। अब निवेशकों की नजर इस पर होगी कि क्या यह नया मॉडल कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन को पहले के थर्ड-पार्टी सप्लाई मॉडल के मुकाबले बेहतर बनाता है या नहीं।
