Linde India ने अपनी 90वीं AGM में शेयर पर ₹12 का डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसमें ₹8 का स्पेशल डिविडेंड भी शामिल है। कंपनी ने लगभग ₹20,000 करोड़ की ऑर्डर बुक का भी खुलासा किया। खास बात यह है कि ऑडिटर की रिपोर्ट में कुछ खामियां पाई गई थीं, जिन पर मैनेजमेंट ने जवाब दिया है।
Linde India की 90वीं AGM: अहम फैसले
Linde India ने अपनी 90वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों के लिए ₹12 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसकी ऑर्डर बुक लगभग ₹20,000 करोड़ की है। यह AGM 13 अगस्त 2026 को हुई थी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी का यह फैसला निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है। शेयरधारकों को ₹12 प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा, जिसमें ₹8 का स्पेशल डिविडेंड भी शामिल है। साथ ही, ₹20,000 करोड़ की भारी-भरकम ऑर्डर बुक कंपनी के भविष्य की मजबूती का संकेत देती है। हालांकि, इंडिपेंडेंट ऑडिटर की रिपोर्ट और सेक्रेटरियल ऑडिट रिपोर्ट में कुछ क्वालिफिकेशन्स (खामियां) पाई गई थीं, जिन पर कंपनी के मैनेजमेंट ने अपना जवाब दिया है। यह शेयरधारकों के लिए गवर्नेंस और ट्रांसपेरेंसी के नजरिए से एक अहम मुद्दा है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Linde India, इंडस्ट्रियल गैस सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है। कंपनी लगातार अपनी क्षमता बढ़ाने और अहम इंडस्ट्रीज को सर्विस देने पर फोकस कर रही है। FY 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 2% बढ़कर ₹25,306 मिलियन हो गया। वहीं, EBITDA में 17% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹9,764 मिलियन रहा। नेट अर्निंग्स में 23% की वृद्धि के साथ यह ₹5,509 मिलियन पर पहुंच गई।
आगे क्या?
शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में सीधा फायदा मिला है। अब उम्मीद है कि कंपनी अपनी प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन पर काम जारी रखेगी, जिसमें टाटा स्टील और सेल जैसी बड़ी कंपनियों के लिए एयर सेपरेशन यूनिट्स (ASUs) का निर्माण शामिल है। वहीं, निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी ऑडिट रिपोर्ट्स में उठाई गई चिंताओं को कैसे दूर करती है।
जोखिमों पर एक नजर
बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर और बजट के अंदर पूरा करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इसके अलावा, ऑडिट रिपोर्ट्स में सामने आई खामियां, भले ही मैनेजमेंट ने जवाब दे दिया हो, गवर्नेंस या कंप्लायंस से जुड़े कुछ अंदरूनी मुद्दों की ओर इशारा कर सकती हैं, जिन पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी।
वित्तीय आंकड़े (FY 2025 बनाम FY 2026)
- रेवेन्यू: ₹24,854 मिलियन से बढ़कर ₹25,306 मिलियन (+2%)
- EBITDA: ₹8,329 मिलियन से बढ़कर ₹9,764 मिलियन (+17%)
- नेट अर्निंग्स: ₹4,478 मिलियन से बढ़कर ₹5,509 मिलियन (+23%)
- ऑर्डर बुक: लगभग ₹20,000 मिलियन (थर्ड-पार्टी)
- डिविडेंड: ₹12 प्रति इक्विटी शेयर (जिसमें ₹8 स्पेशल डिविडेंड शामिल)
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स, जैसे टाटा स्टील और सेल के लिए ASUs, की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, ऑडिटर की क्वालिफिकेशन्स और मैनेजमेंट के जवाबों के असर को समझना भी महत्वपूर्ण होगा।
