Likhitha Infrastructure ₹60 करोड़ का फंड जुटाएगी। कंपनी ₹240 प्रति वारंट के भाव से कनवर्टिबल वारंट जारी करेगी। साथ ही, 2 नए एडिशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की नियुक्ति की गई है, जो कंपनी की ग्रोथ और ऑपरेशनल सुधार पर फोकस का संकेत है।
Likhitha Infrastructure का बड़ा कदम: ₹60 करोड़ जुटाएगी, बोर्ड हुआ मजबूत
Likhitha Infrastructure Ltd. ने ₹60 करोड़ जुटाने की घोषणा की है। कंपनी 25,00,000 कनवर्टिबल वारंट्स को ₹240 प्रति वारंट के भाव पर जारी करेगी। इसके साथ ही, कंपनी ने दो नए एडिशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स, श्रीमती लोहिता गद्दीपाटी और श्री चंद्र धीरजराम, की नियुक्ति का भी ऐलान किया है।
क्या है खास?
कंपनी के बोर्ड ने ₹240 प्रति वारंट की दर से 25,00,000 कनवर्टिबल वारंट्स जारी करने को मंजूरी दे दी है। इस प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) से कंपनी को कुल ₹60 करोड़ मिलेंगे। इन वारंट्स का फेस वैल्यू ₹5 है और इनकी अवधि 18 महीने की होगी। वारंट सब्सक्राइब करते समय 25% का भुगतान तुरंत करना होगा, जबकि बाकी 75% वारंट एक्सरसाइज करने पर देना होगा। अगर 18 महीने के भीतर वारंट एक्सरसाइज नहीं किए जाते हैं, तो वे लैप्स हो जाएंगे और जमा की गई राशि जब्त कर ली जाएगी।
क्यों अहम है यह फैसला?
₹60 करोड़ का यह फंड जुटाना Likhitha Infrastructure को विस्तार (Expansion), कर्ज कम करने या वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। वहीं, श्रीमती लोहिता गद्दीपाटी और श्री चंद्र धीरजराम की नियुक्ति (जो 22 जून, 2026 से प्रभावी होगी) कंपनी की टेक्निकल विशेषज्ञता और ऑपरेशनल मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Likhitha Infrastructure इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है, खासकर ऑयल और गैस के लिए पाइपलाइन जैसे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी के ऑपरेशंस में बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और प्लानिंग शामिल है। यह फंड जुटाने और बोर्ड विस्तार का कदम संभवतः बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने और आंतरिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए है।
अब क्या बदलेगा?
बोर्ड की मंजूरी के बाद, कंपनी अब प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए जरूरी शेयरधारक और रेगुलेटरी मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उम्मीद है कि नए डायरेक्टर्स अपनी विशेष स्किल्स लेकर आएंगे। श्रीमती लोहिता गद्दीपाटी सिविल इंजीनियरिंग, डिजाइन और प्रोजेक्ट प्लानिंग में विशेषज्ञता रखती हैं, जबकि श्री चंद्र धीरजराम ग्लोबल ऑपरेशनल अनुभव और डेटा-संचालित एग्जीक्यूशन पर फोकस रखते हैं।
जोखिम पर नजर
नए नियुक्तियों और मौजूदा लीडरशिप के बीच पारिवारिक रिश्ते (श्रीमती लोहिता गद्दीपाटी मैनेजिंग डायरेक्टर की बेटी और CFO की बहन हैं, जबकि श्री चंद्र धीरजराम MD के दामाद और CFO के पति हैं) कुछ निवेशकों के लिए गवर्नेंस (Governance) संबंधी चिंताएं बढ़ा सकते हैं। हितों के टकराव (Conflict of Interest) और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
पीयर कंपैरिजन (Peer Comparison)
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां अक्सर ग्रोथ के लिए राइट्स इश्यू (Rights Issue), प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट या डेट (Debt) के जरिए फंड जुटाती हैं। ₹5 के फेस वैल्यू पर ₹240 प्रति वारंट की कीमत, कंपनी के मार्केट वैल्यूएशन या बोर्ड द्वारा अनुमानित भविष्य की संभावनाओं को दर्शाती है।
महत्वपूर्ण आंकड़े
यह प्रेफरेंशियल इश्यू 18 महीनों में ₹60 करोड़ (या ₹6,000 लाख) जुटाने का लक्ष्य रखता है। नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति 22 जून, 2026 से प्रभावी है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को वारंट इश्यू के लिए शेयरधारक और रेगुलेटरी मंजूरी मिलने की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स का ऑपरेशनल आधुनिकीकरण और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में योगदान कितना महत्वपूर्ण होता है, यह देखना अहम होगा।
