Likhitha Infrastructure के सितंबर तिमाही के नतीजे निवेशकों के लिए चिंताजनक रहे हैं। कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले लगभग आधा होकर **₹6 करोड़** पर आ गया है, जबकि रेवेन्यू में मामूली बढ़त देखी गई है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के लिए सितंबर तिमाही मिली-जुली रही है। ऑपरेशंस से प्राप्त रेवेन्यू पिछले साल के ₹102.24 करोड़ से बढ़कर ₹106.54 करोड़ हो गया है, लेकिन बॉटम-लाइन (Net Profit) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹11.53 करोड़ था, जो इस बार घटकर मात्र ₹6.00 करोड़ रह गया है।
ईपीएस (EPS) पर असर
इस प्रदर्शन का सीधा असर शेयरधारकों की कमाई पर दिखा है। कंपनी का बेसिक ईपीएस (EPS) जो पहले ₹2.92 हुआ करता था, अब गिरकर ₹1.52 पर आ गया है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 6 नवंबर, 2026 को इन नतीजों को मंजूरी दी है।
गवर्नेंस और आगे की चुनौतियां
कंपनी के नतीजों में Likhitha HAK Arabia Contracting Company और CPM-Likhitha Consortium का डेटा शामिल है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि विदेशी सब्सिडियरी के अंतरिम रिजल्ट्स का ऑडिट नहीं हुआ है। फिलहाल, ऑपरेटिंग कॉस्ट में इजाफा कंपनी के मार्जिन पर गहरा असर डाल रहा है, जिसे ट्रैक करना जरूरी होगा। मैनेजमेंट की कमेंट्री अब यह तय करेगी कि यह गिरावट एक अस्थायी समस्या है या कंपनी के वर्किंग मॉडल में कोई बड़ी चुनौती है।
