Likhitha Infrastructure के तिमाही नतीजों में बड़ी गिरावट दिखी है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹13.91 करोड़ से घटकर ₹7.34 करोड़ रह गया है, वहीं रेवेन्यू भी गिरकर ₹85.06 करोड़ पर आ गया है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के लिए जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग आधा होकर ₹7.34 करोड़ रह गया है, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में ₹13.91 करोड़ था। इसके साथ ही स्टैंडअलोन रेवेन्यू में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर ₹85.06 करोड़ (पिछले साल ₹122.41 करोड़) पर पहुंच गया है। वहीं, EBITDA मार्जिन भी गिरकर 14.27% रह गया है, जो पिछले साल 16.60% था।
ऑर्डर बुक का सहारा
कमजोर नतीजों के बावजूद, कंपनी का भविष्य का पाइपलाइन काफी मजबूत दिख रहा है। वर्तमान में कंपनी के पास ₹1,454 करोड़ का कुल ऑर्डर बुक है। यह काम कंपनी के अलग-अलग वर्टिकल्स जैसे City Gas Distribution (CGD), Cross Country Pipelines (CCP) और O&M के जरिए आ रहा है।
इंटरनेशनल एक्सपेंशन की उम्मीद
निवेशकों के लिए सबसे सकारात्मक बात CPECC-Abu Dhabi के साथ किया गया ₹510 करोड़ का बड़ा इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट है। यह प्रोजेक्ट कंपनी को घरेलू बाजार की सुस्ती से उबरने में मदद कर सकता है। हालांकि, बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इन प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से एग्जीक्यूट करती है और अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है।
