Likhitha Infrastructure: मुनाफे में भारी गिरावट के बावजूद विदेशी ऑर्डर से मिली बड़ी राहत

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Likhitha Infrastructure: मुनाफे में भारी गिरावट के बावजूद विदेशी ऑर्डर से मिली बड़ी राहत

Likhitha Infrastructure के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹456.73 करोड़** और नेट प्रॉफिट गिरकर **₹38.55 करोड़** पर आ गया है। हालांकि, कंपनी की ऑर्डर बुक अब भी **₹1,454 करोड़** की मजबूती के साथ कायम है और हाल ही में अबू धाबी से **₹510 करोड़** का बड़ा इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा है। पिछले वर्ष के ₹520.09 करोड़ की तुलना में रेवेन्यू घटकर ₹456.73 करोड़ रह गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी बड़ी गिरावट देखी गई, जो पिछले साल के ₹69.43 करोड़ से घटकर ₹38.55 करोड़ रह गया है। नतीजतन, अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹17.57 से गिरकर ₹9.94 पर आ गया है। इस साल निवेशकों के लिए कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया गया है क्योंकि कंपनी पूंजी को बचाकर आगे के प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रही है।

नई राह और इंटरनेशनल विस्तार

गिरावट के बीच राहत की खबर यह है कि कंपनी ने रिन्यूएबल और नॉन-रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर ली है। सबसे बड़ा अपडेट कंपनी को मिला ₹510 करोड़ (लगभग USD 54 मिलियन) का इंटरनेशनल ऑर्डर है। यह ऑर्डर China Petroleum Engineering & Construction Corporation (CPECC) की ओर से अबू धाबी के ASAB प्रोजेक्ट के लिए मिला है, जो मिडिल ईस्ट मार्केट में कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत

कंपनी अभी भी 'जीरो-डेट' (कर्ज मुक्त) स्थिति में है, जो एक प्लस पॉइंट है। हालांकि, स्टील और पॉलीइथिलीन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लैंड एक्विजिशन (जमीन अधिग्रहण) से जुड़ी देरी कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकती है। आगामी समय में निवेशकों को अबू धाबी प्रोजेक्ट की रफ्तार और कंपनी की नई एनर्जी वर्टिकल में एंट्री पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.