Likhitha Infrastructure ने मिडिल ईस्ट बाजार में अपनी मौजूदगी को मजबूती देने के लिए दो बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी अबू धाबी में अपनी एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी शुरू करने जा रही है और साथ ही सऊदी अरब की अपनी यूनिट में हिस्सेदारी बढ़ाकर **90%** कर दी है।
मिडिल ईस्ट में विस्तार की रणनीति
कंपनी ने 28 सितंबर, 2026 को हुई अपनी बोर्ड मीटिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है। इसके तहत अबू धाबी, UAE में 'Likhitha Infrastructure Middle East LLC' की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह नई कंपनी पूरी तरह से Likhitha Infrastructure की होगी और इसका मुख्य फोकस ऑयल एंड गैस सेक्टर के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विसेज पर होगा।
सऊदी यूनिट में बड़ी हिस्सेदारी
कंपनी ने अपनी मौजूदा सऊदी अरब स्थित इकाई, Likhitha HAK Arabia Contracting Company में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। कंपनी ने Arabian HAK Company Ltd से 150 शेयर खरीदे हैं, जिससे अब उनकी कुल हिस्सेदारी 60% से बढ़कर 90% हो गई है। इसके लिए कंपनी SAR 5,25,000 तक का भुगतान करेगी।
रिस्क फैक्टर और चेतावनी
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Likhitha HAK Arabia Contracting Company अभी शुरुआती दौर में है। पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर (2023-24, 2024-25, 2025-26) में इस कंपनी का टर्नओवर 'निल' (शून्य) रहा है। यानी इस कंपनी ने अभी तक कोई कमर्शियल कामकाज नहीं किया है। मिडिल ईस्ट के प्रतिस्पर्धी बाजार में सरकारी या प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
आगे क्या होगा?
अगले 6 महीनों के भीतर यूएई की नई सब्सिडियरी का रजिस्ट्रेशन और सऊदी इकाई में शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। मार्केट की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस के लिए कितने नए ऑर्डर्स हासिल कर पाती है।
