Laxmi Dental के निवेशकों के लिए चिंता की खबर है। कंपनी के पास 30 जून 2026 तक IPO से जुटाए गए **₹50.20 करोड़** का इस्तेमाल नहीं हुआ है। साथ ही, कंपनी और उसकी सब्सिडियरी Bizdent Devices के लिए मशीनरी खरीदने के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्रोजेक्ट में **15 महीने** की भारी देरी हुई है।
IPO फंड्स का क्या हो रहा है?
Laxmi Dental ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से कुल ₹138.00 करोड़ जुटाए थे। इनमें से ₹87.80 करोड़ का इस्तेमाल हो चुका है, लेकिन अभी भी ₹50.20 करोड़ का फंड बिना इस्तेमाल के पड़ा है। कंपनी की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि फंड के इस्तेमाल में कोई खास गड़बड़ी नहीं हुई है, लेकिन यह बड़ी रकम बिना इस्तेमाल के रहना सवाल खड़े करता है।
देरी का असर
यह देरी खासतौर पर मशीनरी खरीदने के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) से जुड़ी है। कंपनी के लिए ₹43.51 करोड़ में से ₹15.72 करोड़ और सब्सिडियरी Bizdent Devices के लिए ₹25.00 करोड़ में से सिर्फ ₹2.59 करोड़ का ही इस्तेमाल हुआ है। इस प्रोजेक्ट में 15 महीने की देरी हो चुकी है। इसके अलावा, जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के लिए रखे गए फंड के इस्तेमाल में भी 9 महीने की देरी देखी गई है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
हालांकि कंपनी कह रही है कि फंड के इस्तेमाल में कोई खास डेविएशन (deviation) नहीं है, लेकिन Capex में इतनी बड़ी देरी भविष्य की ग्रोथ और कंपनी की क्षमता बढ़ाने की योजनाओं पर असर डाल सकती है। इस देरी से कंपनी की विस्तार योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी इस बाकी बचे फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और मशीनरी खरीद के प्रोजेक्ट में हो रही देरी को कब तक पूरा किया जाता है। मैनेजमेंट की अगली रणनीति कंपनी के विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।
