Laser Power & Infra को ₹4.15 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट मिला, पहली बार नए 'AECC कंडक्टर' टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Laser Power & Infra को ₹4.15 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट मिला, पहली बार नए 'AECC कंडक्टर' टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल

Laser Power & Infra को हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से **₹4.15 करोड़** का एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। यह कंपनी के लिए खास है क्योंकि इसमें पहली बार TS Conductor Corp. के साथ साझेदारी के तहत AECC कंडक्टर टेक्नोलॉजी का व्यावसायिक इस्तेमाल होगा।

Laser Power & Infra को ₹4.15 करोड़ का टर्नकी प्रोजेक्ट मिला

ऑर्डर का मूल्य: ₹4.15 करोड़
ग्राहक: हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL)

निवेशक क्या जानें: नई टेक्नोलॉजी का कमर्शियल इस्तेमाल अच्छी खबर है, लेकिन बिडिंग पाइपलाइन को ऑर्डर में बदलना कंपनी के लिए एक चुनौती बनी रहेगी।

क्या हुआ है?

Laser Power & Infra Ltd को ₹4.15 करोड़ के टर्नकी रिकंडक्टरिंग प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) के साथ नलгарह इलेक्ट्रिकल डिवीजन के लिए है।

यह क्यों मायने रखता है?

यह ऑर्डर इसलिए भी खास है क्योंकि यह एल्यूमीनियम एनकैप्सुलेटेड कार्बन कोर (AECC) कंडक्टर टेक्नोलॉजी का पहला व्यावसायिक डिप्लॉयमेंट है। यह टेक्नोलॉजी कंपनी की TS Conductor Corp., USA के साथ मार्च 2025 में हुई मैन्युफैक्चरिंग पार्टनरशिप का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर पावर ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाकर ग्रिड मॉडर्नाइजेशन को बेहतर बनाना है।

कंपनी की पिछली रणनीति

Laser Power & Infra खुद को एडवांस्ड कंडक्टर मार्केट में स्थापित कर रही है। कंपनी ने 66 kV और उससे ऊपर के 18 ट्रांसमिशन EPC प्रोजेक्ट्स के लिए प्री-क्वालिफाई किया है और बिड भी किया है, जिसमें रिकंडक्टरिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

अब क्या बदलेगा?

इस प्रोजेक्ट से Laser Power & Infra को एक महत्वपूर्ण रेफरेंस प्रोजेक्ट मिला है। यह AECC टेक्नोलॉजी और TS Conductor Corp. के साथ उनकी पार्टनरशिप को साबित करता है, जिससे भविष्य में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन के लिए और अधिक ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।

जोखिम

निवेशकों की नज़रें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी अपनी मजबूत बिड पाइपलाइन को कितने ऑर्डर्स में बदल पाती है, ताकि इस नई टेक्नोलॉजी सेगमेंट की स्केलेबिलिटी सुनिश्चित हो सके।

पीयर कम्पेरिजन (Peer Comparison)

हालांकि AECC टेक्नोलॉजी के इस खास डिप्लॉयमेंट के लिए पीयर डेटा तुरंत उपलब्ध नहीं है, लेकिन पावर T&D इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियां, जिनमें कंडक्टर निर्माता और EPC प्रोवाइडर्स शामिल हैं, भारत के ग्रिड मॉडर्नाइजेशन प्रयासों में अहम भूमिका निभाती हैं।

प्रासंगिक मेट्रिक्स (31 मार्च 2026 तक)

  • संयुक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता: 85,448 MT
  • इंस्टॉल की गई डिस्ट्रिब्यूशन लाइनें: 85,191 ckm
  • कमीशन किए गए सबस्टेशन: 113
  • जारी EPC प्रोजेक्ट्स: 34

आगे क्या देखना है?

कंपनी के 18 ट्रांसमिशन EPC बिड पाइपलाइन को मिले ऑर्डर्स में बदलने की दर और AECC कंडक्टर टेक्नोलॉजी को आगे व्यावसायिक रूप से अपनाने की गति पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.