Larsen & Toubro: कंपनी को लगा बड़ा जैकपॉट, ताशकंद एयरपोर्ट के लिए मिला ₹15,000 करोड़ का मेगा ऑर्डर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Larsen & Toubro: कंपनी को लगा बड़ा जैकपॉट, ताशकंद एयरपोर्ट के लिए मिला ₹15,000 करोड़ का मेगा ऑर्डर

इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज Larsen & Toubro को उज्बेकिस्तान के नए ताशकंद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 'अल्ट्रा-मेगा' EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट की वैल्यू ₹15,000 करोड़ से ज्यादा है और कंपनी ने शुरुआती काम के लिए LNTP हासिल कर लिया है।

बड़ा इंटरनेशनल ऑर्डर और L&T की साख

Larsen & Toubro की 'पब्लिक स्पेस, एयरपोर्ट्स एंड हेल्थ' (PAH) डिवीजन को यह बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ है। कंपनी को फिलहाल 'लिमिटेड नोटिस टू प्रोसीड' (LNTP) मिला है, जिसके तहत डिजाइनिंग और प्रोक्योरमेंट का काम शुरू कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट ताशकंद एयरपोर्ट को एक अत्याधुनिक एविएशन हब के रूप में विकसित करने के लिए है, जिसकी सालाना क्षमता 17 मिलियन यात्रियों को संभालने की होगी।

क्यों है यह डील अहम?

यह प्रोजेक्ट L&T की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की क्षमता को दर्शाता है। इसमें एयरपोर्ट के स्ट्रक्चरल डेवलपमेंट से लेकर MEP सर्विसेज और मॉडर्न एविएशन सिस्टम्स का इंटीग्रेशन शामिल है। सेंट्रल एशिया में इतने बड़े स्तर का काम कंपनी के ग्लोबल ट्रैक रिकॉर्ड को और मजबूत करेगा।

अगले ट्रिगर्स और रिस्क फैक्टर

फिलहाल कंपनी केवल प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज तक सीमित है। असली खेल तब शुरू होगा जब 'नोटिस टू प्रोसीड' (NTP) फाइनल हो जाएगा। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे बड़े इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स का पूरा होना कॉन्ट्रैक्चुअल शर्तों और समय पर साइट मोबिलाइजेशन पर निर्भर करता है। अगला बड़ा ट्रिगर कंपनी द्वारा फुल-स्केल कंस्ट्रक्शन की शुरुआत की घोषणा होगी, जिससे रेवेन्यू रिकॉग्निशन की प्रक्रिया शुरू होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.