Larsen & Toubro (L&T) ने एक साथ दो बड़े सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं। सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट और आंध्र प्रदेश सरकार से मिले इन ऑर्डर्स की कुल वैल्यू **₹10,000 करोड़** तक आंकी गई है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक को और मजबूती देंगे।
प्रोजेक्ट्स की पूरी जानकारी
L&T के 'पब्लिक स्पेसेज, एयरपोर्ट्स एंड हेल्थ' वर्टिकल ने दो बड़े प्रोजेक्ट्स अपने नाम किए हैं। पहला प्रोजेक्ट नई दिल्ली में 'कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरियट' की बिल्डिंग्स 4 और 5 बनाने का है, जो सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की ओर से मिला है। दूसरा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट आंध्र प्रदेश सरकार ने दिया है, जिसके तहत अमरावती में दो 47-मंजिला ऑफिस टावर्स का निर्माण किया जाएगा।
क्यों खास हैं ये ऑर्डर्स?
ये दोनों ही प्रोजेक्ट्स 'लार्ज' कैटेगरी में आते हैं, यानी हर एक प्रोजेक्ट की वैल्यू ₹2,500 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के बीच है। दिल्ली वाले प्रोजेक्ट में 32.8 लाख स्क्वायर फीट एरिया शामिल है, जिसे 24 महीने में पूरा करना है। इसके साथ ही L&T को 5 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है, जो कंपनी के लिए रेगुलर कमाई का जरिया बनेगा।
अमरावती का प्रोजेक्ट 'डिजाइन एंड बिल्ड' मॉडल पर आधारित है, जो करीब 37.5 लाख स्क्वायर फीट में फैला होगा। इसे 30 महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निवेशकों के लिए टेकअवे
ये ऑर्डर्स साबित करते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में L&T का रुतबा बरकरार है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि बड़े प्रोजेक्ट्स में मटेरियल की लागत बढ़ने (Inflation) या रेगुलेटरी अप्रूवल में देरी होने का असर मार्जिन्स पर पड़ सकता है। आने वाली तिमाही नतीजों में इन ऑर्डर्स का असर साफ नजर आएगा, जिस पर मार्केट की नजर रहेगी।
