लक्ष्मी इंजीनियरिंग के शानदार नतीजे
Lakshmi Engineering and Warehousing Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 99.18% की भारी उछाल देखी गई है, जो ₹1.67 करोड़ (₹167.39 लाख) रहा। पिछले वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा ₹0.84 करोड़ (₹84.04 लाख) था।
रेवेन्यू में भी 12% की बढ़ोतरी
कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में भी 12.08% की अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है। यह ₹14.34 करोड़ (₹1,434.42 लाख) पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹12.80 करोड़ (₹1,279.87 लाख) था।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ने ₹10 प्रति शेयर (फेस वैल्यू का 10%) के डिविडेंड की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों को सीधे फायदा पहुंचाने की कंपनी की मंशा को दिखाता है। अनमॉडिफाइड ऑडिट ओपिनियन (Unmodified Audit Opinion) से कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में भरोसे का पता चलता है।
वेयरहाउसिंग बना मुनाफे का इंजन, इंजीनियरिंग में घाटा जारी
Lakshmi Engineering मुख्य रूप से दो सेगमेंट में काम करती है: वेयरहाउसिंग रेंटल सर्विसेज (Warehousing Rental Services) और इंजीनियरिंग सर्विसेज (Engineering Services)। वेयरहाउसिंग सेगमेंट से कंपनी को वित्त वर्ष 2026 में ₹4.69 करोड़ का मुनाफा हुआ, जो मुनाफे का मुख्य जरिया बना रहा। हालांकि, इंजीनियरिंग सर्विसेज सेगमेंट में ₹1.11 करोड़ का घाटा दर्ज किया गया।
आगे क्या?
कंपनी नए लेबर कोड्स (Labour Codes) पर सरकार के कदमों पर नजर रखे हुए है। हालांकि अभी इनका कोई खास असर नहीं दिख रहा, भविष्य में इसके संभावित प्रभावों पर कंपनी की नजर रहेगी। बोर्ड ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर श्री प्रदीप रॉय की पुनर्नियुक्ति की भी सिफारिश की है।
