Lakshmi Electrical Control Systems ने वितीय वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर ₹3 डिविडेंड (dividend) का ऐलान किया है। साथ ही, कंपनी ने संबंधित पार्टियों के साथ बड़े सौदों को भी मंजूरी दी है। शेयरधारकों ने LMW के साथ ₹450 करोड़ और लक्ष्मी प्रिसिजन के साथ ₹100 करोड़ तक के सौदों को हरी झंडी दिखाई है।
खास ऐलान: डिविडेंड और RPT को मंजूरी
Lakshmi Electrical Control Systems लिमिटेड ने अपनी 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने वितीय वर्ष 2026 (जो मार्च 2026 में समाप्त होगा) के लिए ₹3.00 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड देने का फैसला किया है। इस डिविडेंड भुगतान से कंपनी पर कुल ₹0.7374 करोड़ (या ₹73.74 लाख) का बोझ पड़ेगा।
इसके अलावा, शेयरधारकों ने कंपनी की संबंधित पार्टियों के साथ महत्वपूर्ण लेनदेन (Related Party Transactions - RPT) को भी मंजूरी दी है। LMW लिमिटेड के साथ होने वाले सौदों के लिए ₹450 करोड़ की सीमा तय की गई है, जबकि लक्ष्मी प्रिसिजन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ यह सीमा ₹100 करोड़ रखी गई है। ये सीमाएं 45वीं AGM के समापन से लेकर अगली AGM तक लागू रहेंगी।
कंपनी ने नए स्टैच्यूटरी ऑडिटर के तौर पर M/s. NRD Associates की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। ये ऑडिटर वितीय वर्ष 2027 से 2031 तक यानी पांच साल के लिए काम करेंगे और M/s. Subbachar & Srinivasan की जगह लेंगे। लागत ऑडिटर, श्री एस. सुब्बारामन, के पारिश्रमिक को भी वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए ₹40,000 पर मंजूरी मिली है।
आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल 84 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई, जिसका मकसद प्रमुख प्रबंधकीय पदों की नियुक्ति और रोटेशन द्वारा सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया को स्पष्ट करना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
डिविडेंड का ऐलान सीधे तौर पर शेयरधारकों को फायदा पहुंचाता है, जो कंपनी की लाभप्रदता (profitability) और पूंजी वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं, संबंधित पार्टियों के साथ बड़े RPT सौदों की मंजूरी से यह साफ है कि कंपनी अपने प्रमुख व्यावसायिक सहयोगियों के साथ काम जारी रखेगी, जो कंपनी के संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऑडिटर में बदलाव कॉर्पोरेट गवर्नेंस का एक सामान्य कदम है, जो नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है।
आगे क्या?
अब शेयरधारकों को घोषित डिविडेंड मिलेगा, जिससे उनका रिटर्न बढ़ेगा। कंपनी अब स्वीकृत सीमाओं के भीतर LMW लिमिटेड और लक्ष्मी प्रिसिजन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ अपने सौदों को आगे बढ़ा सकेगी। नए ऑडिटर वितीय वर्ष 2027 से वित्तीय रिपोर्टिंग की देखरेख करेंगे।
जोखिम पर नज़र
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे स्वीकृत RPT सीमाओं के वास्तविक उपयोग पर नजर रखें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ये सौदे निष्पक्ष हों और कंपनी के हित में हों। किसी भी बड़े या अस्पष्ट लेनदेन से कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठ सकते हैं।
